S Jaishankar On Pakistan : विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को जोर देकर कहा कि भारत में अब किसी भी प्रकार की आतंकवादी घटना बर्दाश्त करने सहनशीलता का स्तर अब काफी कम हो गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह का यदि कुछ हुआ तो इसके दुष्परिणाम होंगे। सीआईआई वार्षिक बिजनेस समिट 2024 को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान लगातार आंतकवाद को बढ़ावा दे रहा है।
सीआईआई के वार्षिक कार्यक्रम में विदेश मंत्री एस जयशंकर।
पहले आतंकवाद पर नजरिया दूसरा था-जयशंकर
उन्होंने कहा, 'जहां तक पाकिस्तान की बात है तो उसने लगातार आतंकवाद को अपनी एक नीति की तरह आगे बढ़ाया है। पहले देश में किसी तरह की आतंकवादी घटना होती थी तो इस तरह का नजरिया बना दिया गया था कि पाकिस्तान तो ऐसा करता ही है, हमें अब इसके साथ जीना ही होगा।' विदेश मंत्री ने कहा कि 2014 में भारत ने यह स्पष्ट रूप से बता दिया कि वह सीमा पार से अब किसी तरह के आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा।'उरी और बालाकोट हमले ने दिया संदेश'
उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि साल 2014 में इस देश के लोगों ने एक बहुत ही स्पष्ट फैसला किया। लोगों ने तय कर लिया कि अब आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करना है। मुझे लगता है कि अब इस देश में किसी भी तरह के आतंकवाद को बर्दाश्त करने की सहनशीलता का स्तर काफी कम हो गया है। किसी तरह की आतंकवादी घटना अगर होती है तो इसकी गूंज दोनों जगहों नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय रेखा के पार सुनाई देगी। उरी और बालाकोट हमले का यही संदेश है।'
फिर सामान्य पड़ोसी की तरह बर्ताव होगा-जयशंकर
विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान यदि आतंकवाद का रास्ता छोड़ देता है तो भारत के लोग उसके साथ एक सामान्य पड़ोसी की तरह बर्ताव करेंगे। उन्होंने कहा, 'अब गेंद उनके पाले में है। यदि वे वर्षों से बनाए गए अपने आतंकवाद की फैक्ट्री बंद कर देते हैं तो यहां के लोग उनसे एक सामान्य पड़ोसी की तरह व्यवहार करेंगे। लेकिन अगर आतंकवाद को वे अपना हथियार बनाएंगे तो जाहिर है कि इससे उनकी इसी तरह की पहचान बनेगी।' जयशंकर ने कहा कि साल 2019 पाकिस्तान की इमरान खान सरकार ने दोनों देशों के रिश्तों में तल्खी बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए।
