विदेश मंत्री एस जयशंकर तीन कैरिबियन देशों जमैका, सूरीनाम और त्रिनिदाद एवं टोबैगो के दौरे पर हैं। तीन देशों के नौ दिवसीय दौरे के दौरान वे ज्यूरिख में भी रुके। उनके इस दौरे का उद्देश्य कैरेबियाई देशों के साथ भारत के रणनीतिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करना है।
तीन कैरैबियाई देशों के दौरे पर विदेश मंत्री जयशंकर।
ज्यूरिख में रुके जयशंकर
विदेश मंत्री जयशंकर कैरेबियन देशों के दौरे पर जाते समय ज्यूरिख में रुके। यहां ज्यूरिख हवाई अड्डे पर वाणिज्य मंत्री अनूप ढिंगरा ने उनका स्वागत किया। ज्यूरिख में भारतीय दूतावास ने इसे लेकर एक पोस्ट भी किया। इसमें दूतावास ने कहा कि कैरिबियन देशों की अपनी आधिकारिक यात्रा पर जा रहे माननीय विदेश मंत्री एस जयशंकर का स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख हवाई अड्डे पर वाणिज्य मंत्री अनूप ढिंगरा द्वारा हार्दिक स्वागत किया गया।
विदेश मंत्रालय ने जारी किया बयान
विदेश मंत्री के इस दौरे को लेकर विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी किया है। इसमें मंत्रालय ने कहा कि उनका यह दौरा 2 मई से 10 मई तक चलेगा। जयशंकर तीनों देशों के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वे द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विदेश मंत्रियों के साथ बातचीत करेंगे। इसके अलावा वे वहां प्रमुख व्यापारिक हस्तियों से मुलाकात करेंगे और द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। साथ ही वह भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी संवाद करेंगे।
गौरतलब है कि इन देशों में बड़ी संख्या में गिरमिटिया समुदाय के लोग रहते हैं, जिसके कारण भारत का इनके साथ खास संबंध है।
कौन हैं 'गिरिमिटिया समुदाय के लोग'
'गिरमिटिया'वे भारतीय मूल के लोग हैं,जिन्हें ब्रिटिश शासनकाल में अनुबंधित मजदूरों के रूप में दक्षिण अफ्रीका,फिजी,मॉरीशस और कैरेबियाई द्वीपों के बागानों में काम करने के लिए भेजा गया था। आज इन देशों में भारतीय मूल की बड़ी आबादी निवास करती है,जिसने स्थानीय राजनीति,अर्थव्यवस्था और संस्कृति में अहम भूमिका निभाई है। यही वजह है कि भारत इन देशों को सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी विशेष महत्व देता है। यह यात्रा भारत की कैरेबियन कूटनीति,व्यापार विस्तार और प्रवासी भारतीयों से जुड़ाव को नई गति दे सकती है।
