DRDO का घातक हथियार 'रेलगन', 200 KM तक मारक क्षमता; बिना बारूद के दुश्मनों को कर देगा नेस्तानाबूद

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  • Updated Oct 15, 2022, 02:16 PM IST

DRDO जिस खतरनाक हथियार पर काम कर रहा है, उसमें बारूद का इस्तेमाल नहीं होता है। इस रेलगन में अत्यधिक उच्च वेग इलेक्ट्रो मैग्नेटिक फील्ड का इस्तेमाल होता है, जिसकी वजह से इस हथियार की रेंज भी बढ़ जाती है और मारक क्षमता भी। इसके हमले से कोई नहीं बच सकता है।

तकनीक के इस युग में पूरे विश्व में अब सेना और हथियारों का भी आधुनिकरण हो रहा है। भारत में इस कार्य को डीआरडीओ (DRDO) बखूबी निभा रहा है। डीआरडीओ भविष्य के हथियारों पर जोर-शोर से काम करने में जुटा हुआ है। डीआरडीओ अब एक ऐसा हथियार बना रहा है, जो बिना विस्फोटक के ही 200 किमी तक मार कर सकता है।

drdo railgun

अमेरिका कर चुका है घातक रेलगन का परीक्षण (फोटो- U.S. Navy)

क्या होंगी खूबियां

कहा जा रहा है कि रेलगन बन जाने के बाद तोपों का काम घट जाएगा। तोपों की मारक क्षमता 50 से 60 किलोमीटर तक है, जबकि रेलगन 200 किमी तक मार कर सकता है। यानि कि सीमा से काफी दूर बैठकर भी इसका इस्तेमाल दुश्मनों पर किया जा सकता है। इसकी रेंज में पारंपरिक और अत्याधुनिक दोनों तरह के हथियार आ सकते हैं। यह एक तरफ जहां जमीन पर मौजूद ठिकानों को नष्ट कर सकता है तो दूसरी ओर दुश्मनों के मिसाइल हमलों को भी रोक सकता है। समुद्र में यह युद्ध पोत को निशाना बना सकता है, तो आकाश में दुश्मन के हवाई जहाजों को नेस्तानाबूद कर सकता है। मतलब आज की तारीख में जिन कामों के लिए छोटी मिसाइलों का प्रयोग किया जा रहा है, भविष्य में रेलगन वो काम करेगा।

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