Missile System: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और भारतीय नौसेना ने स्वदेशी रूप से विकसित वर्टिकली-लॉन्च्ड शॉर्ट-रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (VLSRSAM) का ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) से सफल परीक्षण किया। यह परीक्षण दोपहर 12 बजे किया गया, जिसमें मिसाइल ने निकट सीमा और कम ऊंचाई पर उड़ रहे हाई-स्पीड एरियल टारगेट को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। इस परीक्षण ने मिसाइल की नियर-बाउंड्री-लो एल्टीट्यूड क्षमता को साबित कर दिया।
वर्टिकली-लॉन्च्ड शॉर्ट-रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल
मिसाइट का सटीक परीक्षण
परीक्षण के दौरान मिसाइल ने अत्यधिक गतिशीलता, सटीकता और विश्वसनीयता का प्रदर्शन किया। मिसाइल को एक लैंड-बेस्ड वर्टिकल लॉन्चर से दागा गया, जिसने उच्च टर्निंग रेट के साथ लक्ष्य को भेदा। परीक्षण के दौरान सभी हथियार प्रणाली तत्वों को कॉम्बैट कॉन्फ़िगरेशन में तैनात किया गया, जिनमें स्वदेशी रेडियो फ्रीक्वेंसी सीकर, मल्टी-फंक्शन रडार और वेपन कंट्रोल सिस्टम शामिल थे। सभी उपकरणों ने उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन किया। ITR चांदीपुर के रेंज इंस्ट्रूमेंट्स ने मिशन के हर चरण का सटीक डेटा रिकॉर्ड किया, जिससे इसकी सफलता की पुष्टि हुई।
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रक्षा मंत्री ने क्या कुछ कहा?
इस उपलब्धि पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ, भारतीय नौसेना और उद्योग जगत को बधाई देते हुए कहा कि VLSRSAM प्रणाली भारतीय नौसेना के लिए एक महत्वपूर्ण बल गुणक (Force Multiplier) साबित होगी। उन्होंने इसे भारत की रक्षा अनुसंधान एवं विकास क्षमताओं की एक और उपलब्धि बताया।
डीआरडीओ के अध्यक्ष और रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. समीर वी. कामत ने भी इस सफल परीक्षण के लिए टीमों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक तकनीकों से लैस यह मिसाइल भारतीय सशस्त्र बलों की संचालनिक क्षमता को और अधिक सशक्त बनाएगी। इस परीक्षण के साथ भारत ने आत्मनिर्भर रक्षा प्रणाली की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ाया है।
