CJI on Electoral Bond Hearing: इलेक्टोरल बॉन्ड पर सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ एक वकील पर बेहद नाराज हो गए थे। सीजेआई ने तीखी नोकझोंक के बाद वरिष्ठ वकील मैथ्यूज नेदुमपारा को फटकार लगाई थी। सीजेआई ने कहा, मुझ पर चिल्लाओ मत, यह हाइड पार्क कोने की बैठक नहीं है, आप अदालत में हैं। नेदुमपारा सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सवाल उठा रहे थे, जिसमें कहा गया था कि चुनावी बांड का फैसला लोगों के पीठ पीछे किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट (File photo)
वकील पर नाराज हुए सीजेआई
इस पर पीठ ने असहमति जताई और जब सीजेआई ने हस्तक्षेप करने की कोशिश की तो वकील ने ऊंची आवाज में अपनी बहस जारी रखी। इस पर सीजेआई की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया जताई गई। सीजेआई ने कहा, आप एक आवेदन दायर करना चाहते हैं, तो दाखिल करें। मुख्य न्यायाधीश के रूप में आपको मेरा फैसला मिल गया है, हम आपको नहीं सुन रहे हैं।
एसबीआई की खिंचाई
सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी बांड से संबंधित सभी विवरण का खुलासा नहीं करने के लिए भारतीय स्टेट बैंक की खिंचाई की और उसके रवैये को अस्वीकार्य बताया था। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली 5-न्यायाधीशों की पीठ ने एसबीआई के अध्यक्ष को एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था, जिसमें चुनावी बांड के यूनिक अल्फान्यूमेरिक और भुनाए गए बांड की क्रम संख्या सहित सभी विवरणों का खुलासा करने को कहा गया था।
यूनिक आईडी नंबर पर पूछे सवाल
इलेक्टोरल बॉन्ड पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय स्टेट बैंक को फटकार भी लगाई थी। कोर्ट ने बैंक से पूछा कि उसके आदेश के बावजूद उसने अभी तक यूनिक आईडी नंबर का खुलासा क्यों नहीं किया। प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा था, जब हमारा आदेश इस मामले में पहले से सपष्ट है तो एसबीआई डाटा रिलीज क्यों नहीं कर रहा है। सीजेआई ने पूछा था कि आप किस फॉर्मेट पर इलेक्टोरल बॉन्ड के डाटा रखते हैं। बैंक की तरफ से यह बताए जाने पर कि डाटा एल्फा न्यूमेरिक में रखा जाता है। इस पर सीजेआई ने कहा कि डाटा एल्फा न्यूमेरिक में रखने का क्या मतलब था? क्या ये सुरक्षा को लेकर था या कुछ और?
