Mohammad Salim Dola : भारत के शिकंजे में आ चुके अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर मोहम्मद सलीम डोला के बारे में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। अधिकारियों का कहना है कि तुर्किये में रहते हुए डोला ने अपनी पहचान छिपाई। वह बुल्गारिया के पासपोर्ट पर तुर्किये में रह रहा था। यही नहीं अपनी असली पहचान छिपाने के लिए वह 'हमजा' नाम का इस्तेमाल करता था। दिलचस्प बात है कि सुपर-डुपर फिल्म 'धुरंधर' के मुख्य किरदार का नाम भी हमजा है। इस किरदार को अभिनेता रणबीर सिंह ने निभाया है। इस फिल्म में रणबीर सिंह का नाम हमजा अली मजारी है।
एनसीबी के गिरफ्त में ड्रग तस्कर मोहम्मद सलीम डोला।
8 मई तक हिरासत में डोला
मुंबई की एक अदालत ने गुरुवार को डोला (59) को आठ मई तक नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की हिरासत में भेज दिया है। जांच एजेंसी ने मुंबई की अदालत को बताया कि डोला का नाम एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर के रूप में सामने आया है, जिसका संबंध दाऊद इब्राहिम से है। एजेंसी के अनुसार, उसे जून 2023 में दक्षिण मुंबई से जब्त की गई मादक पदार्थ मेफेड्रोन की व्यावसायिक मात्रा का मुख्य सप्लायर पहचाना गया है।
लंबे समय से फरार था
डोला को मार्च 2024 में भारत के अनुरोध पर जारी इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर तुर्किये में गिरफ्तार किया गया था। वह भारत में कई मादक पदार्थ तस्करी के मामलों में वांछित था और लंबे समय से कानून प्रवर्तन एजेंसियों से फरार चल रहा था। उसकी पहचान जून 2023 में दक्षिण मुंबई से जब्त किए गए मादक पदार्थ 'मेफेड्रोन’ के प्रमुख आपूर्तिकर्ता के रूप में की गई है।
मार्च 2024 में इंटरपोल ने जारी किया नोटिस
डोला को भारत के अनुरोध पर मार्च 2024 में जारी इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर तुर्किये से गिरफ्तार किया गया था। वह भारत में मादक पदार्थों की तस्करी के कई मामलों में वांछित था और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से बचने के लिए फरार था। उसे तुर्किये से मंगलवार को दिल्ली लाया गया। एनसीबी ने बताया कि फैसल जावेद शेख को इस मामले का सरगना माना जा रहा है और वह डोला से व्हाट्सऐप के जरिए संपर्क करता था और मुंबई के पास एक पूर्व निर्धारित स्थान पर मादक पदार्थों की खेप प्राप्त करता था।
40-50 लाख रुपये प्रति माह की कमाई
मादक पदार्थ रोधी एजेंसी ने दावा किया कि शेख ने स्वेच्छा से दिये बयान में स्वीकार किया कि वह नियमित रूप से डोला से प्रति माह 40 किलोग्राम मेफेड्रोन सात लाख रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदता था और उसे आठ लाख रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचता था, जिससे उसे अनुमानित 40-50 लाख रुपये प्रति माह की कमाई होती थी।
