High Blood Pressure: विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक ग्लोबल रिपोर्ट में हाई ब्लड प्रेशर को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े साझा किए हैं। डब्ल्यूएचओ ने बताया है कि किस तरह यह बीमारी लोगों को लगातार अपनी चपेट में लेती जा रही है। लांसेट में छपी रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में मौतों और विकलांगता के लिए उच्च रक्तचाप सबसे बड़ा जोखिम फैक्टर है। इसमें कहा गया है कि 2016-2020 के दौरान भारत में एक-चौथाई से भी कम उच्च रक्तचाप वाले रोगियों का रक्तचाप नियंत्रण में था, हालांकि पिछले वर्षों की तुलना में इस में सुधार हुआ है, लेकिन अंतर बना हुआ है।
हाई ब्लड प्रेशर से रहे सावधान
इसमें यह भी कहा गया है कि 2019-2020 राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-5) ने बताया कि पुरुषों में 24% और महिलाओं में 21% उच्च रक्तचाप मिला जो पिछले दौर (2015-16) से 19% और 17% अधिक है। रोकथाम, इसका शीघ्र पता लगाना और प्रभावी हेल्थकेयर ही उच्च रक्तचाप रोकने के उपाय हैं।
ब्लड प्रेशर बढ़ने के कई कारण
आजकल लोग सबसे ज्यादा हाई ब्लड प्रेशर से ही परेशान हैं। ब्लड प्रेशर बढ़ने का कई कारण हैं, जैसे बढ़ती उम्र और तनाव, अनहेल्दी खाना और खराब लाइफस्टाइल। यह जेनेटिक भी हो सकता है। हाई ब्लड प्रेशर का इलाज न करने पर ये कई अंगों को प्रभावित कर सकता है। उच्च रक्तचाप से फेफड़ों और किडनी को नुकसान, आंखों की रोशनी और मेमोरी लॉस और यहां तक दिल का दौरा जैसी स्वास्थ्य समस्याएं पैदा होती हैं। इसलिए समय रहते ऐसे संकेतों को पहचानना बहुत जरूरी जिससे हमारे दिल को नुकसान पहुंच रहा है।
क्या-क्या लक्षण
- हाई ब्लड प्रेशर से सीने में दर्द हो सकता है। और ये दर्द अक्सर सीने के एक तरफ होता है।
- बार-बार पेशाब आने की समस्या। खून की नसों में दबाव के कारण ऐसा होता है जिससे किडनी में ब्लड फ्लो में कमी हो जाती है।
- अचानक सांस फूलना भी हाई ब्लड प्रेशर का एक प्रमुख लक्षण है। शारीरिक श्रम करने पर सांसें और तेज हो जाती हैं।
- लंबे समय तक शरीर में थकान होना भी हाई ब्लड प्रेशर का कारण हो सकता है। सिरदर्द, चक्कर आना, आंखों की कमजोर रोशनी भी हो सकती है।
जीवनशैली में बदलाव जरूरी
डब्ल्यूएचओ ने इस रिपोर्ट में कहा, उच्च रक्तचाप की रोकथाम, इसका जल्दी पता लगाना और प्रभावी प्रबंधन इसे रोकने के सबसे प्रभावी कदम हैं। जीवनशैली में बदलाव जैसे कि स्वस्थ आहार खाना, तंबाकू छोड़ना और अधिक सक्रिय रहना रक्तचाप को कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि, कुछ लोगों को ऐसी दवाएं लेना जरूरी होता है ताकि उच्च रक्तचाप को नियंत्रित कर इसके जोखिमों से बचा जा सके।
