Sonam Wangchuk Video Message: शिक्षाविद और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शुक्रवार को एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि 26 दिनों की भूख हड़ताल के बाद क्या मुझे अपनी ईमानदारी साबित करनी होगी।
शिक्षाविद और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (फोटो साभार: @Wangchuk66)
सोनम वांगचुक के वीडियो संदेश में हॉस्पिटल के अंदर का नजारा दिखाई दे रहा है, जहां पर वह पुलिसकर्मी से कहते हुए सुने जा सकते हैं कि मुझे गिरफ्तार करो। इस वाक्ये के बारे में वांगचुक ने बताया, ''फिजिकली, लड़कर-झगड़कर हड़ताल के अंदर एक और हड़ताल करके जमीन पर लेटकर, जो ताकत 20वें-22वें दिन मेरे में थी, वो जोर लगाकर बाहर जबरदस्ती निकलना पड़ा। आपको उसके बारे में नहीं मालूम है।''
'तुम सब मुझे प्रताड़ित कर रहे हो'
वांगचुक हॉस्पिटल की गैलरी से निकलते हुए दिखाई दे रहे हैं, जहां पर वह पुलिसकर्मी से कहते हैं कि मुझे गिरफ्तार कर लो... बात इतने में ही खत्म नहीं होती है। इस दौरान, उन्हें यह कहते हुए भी सुना जा सकता है कि तुम सब मुझे प्रताड़ित कर रहे हो। अगर मैं स्ट्रेस की वजह से मर गया तो यह तुम्हारी जिम्मेदारी होगी। इस वीडियो में वांगचुक के साथ उनकी पत्नी गीतांजलि नजर आ रही हैं, जो अपने हाथ में ट्रॉली बैग लिए हुए हैं।
वांगचुक ने आलोचकों को दिया जवाब
वीडियो में वांगचुक ये कहते हुए सुनाई दे रहे हैं, ''कृपया दरवाजा खोलो। मैं जा रहा हूं। अगर तुम चाहो तो मुझे गिरफ्तार कर लो।'' और फिर वह खुद दरवाजा खोलकर निकल जाते हैं।
'केंद्रीय मंत्रियों से क्यों तुड़वाया अनशन'
वांगचुक ने भूख हड़ताल के दौरान हॉस्पिटल के भीतर का वीडियो दिखाते हुए आलोचकों को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा, ''दोस्तों, मैं ये वीडियो थोड़ा दुख, हैरानी और गुस्से के साथ बना रहा हूं। अपने भाइयों, बहनों और छात्रों के लिए 26 दिन भूखा रहने के बाद... जिसमें मेरा 11 किलो शरीर खत्म हो चुका है। मसल चले गए हैं... लद्दाख की कड़कती ठंड से दिल्ली की तपती धूप में बैठकर ये सब करके के बाद क्या मुझे किसी से करेक्टर सर्टिफिकेट लेने की जरूरत है।''
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उन्होंने कहा कि मुझे बताना पड़ेगा कि मेरा अनशन कितना पवित्र था। मैं किसके हाथों तोड़ा। उसके हाथों क्यों तोड़ा। उसके हाथों क्यों नहीं तोड़ा। क्या डील हुआ, क्या नहीं हुआ? मुझे यह सब जवाब देना होगा। मैं कल से लिक्डिल फूड पी रहा हू। अब मेरे शरीर में थोड़ी सी जान आई है। बदकिस्मती से मुझे इस पर अपनी जान देनी पड़ रही है।
वांगचुक ने आगे कहा, ''दुख के साथ कह रहा हूं... लेकिन सुबह से मुझे बहुत से लोग फोन करके या पोस्ट दिखाकर कह रहे हैं कि आप पर बहुत से सवाल उठाए जा रहे हैं कि आपने इन मंत्रियों से अनशन क्यों तुड़वाया है? क्या डील हुआ है? अब मुझे यह सब जवाब देना होगा। अगर मुझे डील करनी होती तो क्या 26 दिन भूखा रहना पड़ता।''
