Vijay Oath Ceremony: तमिलनाडु के तिरुपत्तुर विधानसभा क्षेत्र (Tirupattur Constituency) में हुए चुनाव को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। इस सीट पर डीएमके के वरिष्ठ और पूर्व मंत्री के.आर. पेरियाकरुप्पन (KR Periyakaruppan) को बहुत ही कम अंतर, यानी सिर्फ एक वोट से हार का सामना करना पड़ा। उनकी यह हार टीवीके उम्मीदवार सीनिवासा सेथुपति के हाथों हुई। इतनी कम अंतर की हार के बाद मामला अब कोर्ट तक पहुंच गया है। के.आर. पेरियाकरुप्पन ने इस चुनाव परिणाम को चुनौती देते हुए मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court case) का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अपनी याचिका में मांग की है कि विजेता उम्मीदवार सीनिवासा सेथुपति को फिलहाल विधानसभा में होने वाले विश्वास मत (वोट ऑफ कॉन्फिडेंस) में हिस्सा लेने से रोका जाए।
तिरुपत्तुर सीट पर एक वोट से हार के बाद कोर्ट पहुंचे डीएमके नेता (Photo: AI Generated)
सुबह 10:30 बजे कोर्ट की सुनवाई
उनका कहना है कि चुनाव परिणाम बेहद करीबी है और इस पर गंभीरता से दोबारा विचार होना चाहिए। इस मामले की सुनवाई आज विशेष बेंच में होगी। गर्मियों की छुट्टियों के बावजूद हाईकोर्ट ने इसे गंभीर मामला मानते हुए सुबह 10:30 बजे विशेष बैठक तय की है। अदालत इस याचिका पर तुरंत सुनवाई करेगी। पेरियाकरुप्पन डीएमके के अनुभवी नेता माने जाते हैं और तिरुपत्तुर सीट पर उनकी मजबूत पकड़ रही है। लेकिन इस बार उन्हें बेहद मामूली अंतर से हार मिली, जिससे वे संतुष्ट नहीं हैं। इसलिए उन्होंने कानूनी रास्ता अपनाया है।
यह पूरा मामला
दूसरी तरफ टीवीके उम्मीदवार सीनिवासा सेथुपति को चुनाव में विजेता घोषित किया जा चुका है। अगर अदालत उनकी भागीदारी पर कोई रोक लगाती है, तो इसका असर विधानसभा की प्रक्रिया और विश्वास मत पर भी पड़ सकता है। यह पूरा मामला अब राजनीतिक चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। सभी की नजरें मद्रास हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हुई हैं, जो आगे चलकर तमिलनाडु की राजनीति में अहम भूमिका निभा सकता है। आपको बता दें कि विजय की टीवीके (107 विधायक) के पास कांग्रेस के पांच, भाकपा और माकपा के दो-दो, वीसीके और आईयूएमएल के दो-दो विधायकों का समर्थन है। हालांकि, भाकपा ने स्पष्ट किया है कि वह मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होगी।
