केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह (Jitendra Singh) ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पर मुकरने का आरोप लगाया है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इस समय पीएम आवास के सामने धरने पर बैठे हैं। जहां जितेंद्र सिंह उनसे मुलाकात करने पहुंचे थे। जिसके बाद जितेंद्र सिंह, गृह मंत्री अमित शाह से मिले। अब जितेंद्र सिंह ने एक्स पर एक पोस्ट कर लंबा-चौड़ा बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने कहा कि पहले राहुल गांधी सिर्फ एक मांग कर रहे थे, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया, अब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग कर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी पर लगाया मुकरने का आरोप (फोटो- Congress & ANI)
क्या थी राहुल गांधी की पहली मांग?
जितेंद्र सिंह ने अपने पोस्ट में कहा, "कुछ समय पहले, यह ज्ञात हुआ कि कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, मल्लिकार्जुन खड़गे और उनके साथ अन्य वरिष्ठ नेता, जैसे कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी इत्यादि अकस्मात ही अकबर रोड़ के समीप एक स्थान पर अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गये हैं। सरकार ने इस वरिष्ठ दल की गरिमा के दृष्टिगत, मुझे स्वंय और मेरे साथ केंद्रीय गृह सचिव, गोविंद मोहन को इन वरिष्ठ नेताओं से वार्ता करने हेतु मौके पर भेजा। राहुल गांधी से अनुरोध किया गया कि वे अपना धरना समाप्त करें, क्योंकि यह स्थल धरने का स्थल नहीं है, और यहां पर धरना करने से जनसाधारण को काफी असुविधा भी पहुंच रही है। राहुल गांधी ने यह मांग रखी कि यदि सरकार संसद में NEET और उससे संबंधित आंदोलन के साथ जुड़े सभी विषयों पर चर्चा करने के लिए मान जाती है, तो वह अपना धरना तुरंत समाप्त कर देगें। कुछ ही क्षणों में सरकार के शीर्ष नेत्रत्व की अनुमति लेने के बाद, राहुल गांधी को यह आश्वसान दिया गया कि उनकी मांग को मान लिया गया है, तथा सरकार NEET और उससे संबंधित आंदोलन के साथ जुड़े सभी विषयों पर संसद में चर्चा करने को तैयार है।
राहुल गांधी ने रख दी दूसरी शर्त?
आगे जितेंद्र सिंह ने दावा किया कि राहुल गांधी को जब यह सूचना पहुंचाई गई तो उन्होंने कहा कि वह इतने पर ही नहीं मानेंगे, उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का भी आश्वसान चाहा। उन्होंने कहा कि अब मेरी दो मांगे हैं: संसद में चर्चा एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा। जब उनको याद दिलाया गया कि पहले उन्होने केवल चर्चा की ही मांग की थी, तब उन्होंने कहा कि अब मेरी मांगें बदल गयी हैं। जब उनकों विनम्रता से ये समझाने का प्रयास किया गया कि उनके जैसे वरिष्ठ नेता को इतनी जल्दी अपनी बात से मुकर जाना शोभा नहीं देता, तो उन्होंने कहा कि यह उनकी मर्जी है। जब गृह सचिव ने यह समझाने का प्रयास किया कि यह स्थल धरने के लिए अनुकूल नही हैं तो उनका उत्तर था कि ये भी उनकी मर्जी है वे जहां बैठें।
राहुल गांधी पर साधा निशाना
जितेंद्र सिंह ने आगे राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी जैसे वरिष्ठ नेता एवं नेता प्रतिपक्ष काअपनी बात से मुकर जाना दुर्भाग्यपूर्ण है और लोकंतंत्र की हर मर्यादा के विपरीत है। सरकार NEET और उससे संबंधित आंदोलन के साथ जुड़े सभी विषयों पर संसद में चर्चा करने के लिए तैयार है। इसके विपरीत, कांग्रेस पार्टी ने आज तक इस गंभीर विषय पर नियमानुसार औपचारिक चर्चा करने का कोई नोटिस नहीं दिया है। राहुल गांधी का व्यवहार लोकतंत्र के ऊसूलों से मेल नहीं खाता है।
राहुल का आगे क्या है प्लान?
राहुल गांधी ने छात्रों को न्याय दिलाने के इच्छुक लोगों से इस धरने में शामिल होने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री के आवास ’7 लोक कल्याण मार्ग’ के निकट धरने पर बैठे कांग्रेस नेताओं ने यहां ’प्रधानमंत्री इस्तीफा दो’ ’गुंडागर्दी नहीं चलेगी’ और ’छात्रों को न्याय दो’ के नारे लगाए। राहुल गांधी ने ’एक्स’ पर पोस्ट किया, ’’छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है। प्रधानमंत्री मोदी को लगता है कि वो बिना जवाब दिए बिना, किसी नतीजे का सामना किए बिना बच निकलेंगे तो वह ऐसा नहीं कर पाएंगे, इस बार तो बिल्कुल नहीं। मैं हर उस देशभक्त भारतीय से अपील करता हूं जो मानता है कि हमारे छात्रों को न्याय मिलना चाहिए, प्रधानमंत्री आवास के सामने हमारे धरने में शामिल हों।’’
