संसद में परिसीमन विधेयक (Delimitation Bill 2026) को लेकर जारी असमंजस के बीच नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) की सांसद काकोली घोष दस्तीदार का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस महत्वपूर्ण विधेयक पर फिलहाल कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। इस विषय पर आगामी सोमवार को दोपहर 1 बजे बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक बुलाई गई है, जिसमें चर्चा के बाद ही आगे की रूपरेखा तय की जाएगी।
पीएम मोदी और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बीच फोन पर बात (फाइल फोटो)
सांसद दस्तीदार ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई एक उच्च स्तरीय बैठक का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल के विकास एजेंडे को लेकर प्रधानमंत्री के साथ 2 घंटे से अधिक समय तक सकारात्मक चर्चा हुई, जिसमें राज्य के बुनियादी ढांचे और प्रगति के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए। दूसरी ओर, परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक को आपस में जोड़ने को लेकर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बीच सियासी तल्खी बढ़ गई है।
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महिला आरक्षण 2034 के चुनावों से पहले लागू नहीं हो पाएगा-रिजिजू
रिजिजू ने सोशल मीडिया पर राहुल गांधी के सवालों का जवाब देते हुए सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि 2029 के आम चुनावों में महिला आरक्षण लागू करने के लिए परिसीमन प्रक्रिया को तत्काल शुरू करना अनिवार्य है। यदि 2026 के बाद होने वाली जनगणना का इंतजार किया गया, तो जातिगत जनगणना की जटिलताओं के कारण महिला आरक्षण 2034 के चुनावों से पहले लागू नहीं हो पाएगा।
राहुल गांधी ने उठाया था ये अहम सवाल
उल्लेखनीय है कि परिसीमन विधेयक 2026 को लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने और महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने के उद्देश्य से संसद में पेश किया गया था। हालांकि, आवश्यक दो-तिहाई विशेष बहुमत न मिल पाने के कारण संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पारित नहीं हो सका।
राहुल गांधी ने इस बात पर सवाल उठाया था कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण को परिसीमन प्रक्रिया से जोड़कर इसे लटकाने का काम कर रही है। अब सभी की नजरें सोमवार को होने वाली बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक पर टिकी हैं, जहां इस राजनीतिक गतिरोध को सुलझाने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं।
