CJP Janter Mantar Protest : वोट चोरी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने मोर्चा खोल रखा है। 10 अक्टूबर को CJP का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन प्रस्तावित है। लिहाजा दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। पुलिस ने संभावित प्रदर्शनकारियों की आवाजाही पर नजर रखने के साथ-साथ प्रमुख प्रवेश मार्गों पर चेकिंग और बैरिकेडिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। पुलिस के मुताबिक, यूपी बॉर्डर और राजस्थान की ओर से प्रदर्शनकारियों के दिल्ली में प्रवेश करने की आशंका है।
10 अक्टूबर के CJP प्रदर्शन पर दिल्ली अलर्ट (फोटो-@SauravDassss)
इन लोगों पर रहेगी नजर
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, सभी थाना प्रभारियों (SHO) को अपने-अपने क्षेत्रों में आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने को कहा गया है। Facial Recognition System (FRS) की मदद से करीब 2,800 आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों की पहचान की गई है। इनमें गंभीर अपराधों में शामिल रहे लोगों की गतिविधियों और आवाजाही पर विशेष नजर रखी जा रही है।
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पुलिस यह भी पता लगा रही है कि प्रदर्शन में शामिल होने के लिए कौन लोग नई दिल्ली की ओर आ रहे हैं और वे कहां से पहुंच रहे हैं। इसके लिए बस ऑपरेटरों और बसों की बुकिंग पर भी नजर रखी जा रही है। प्रदर्शन के लिए बस बुक कराने वाले लोगों और संगठनों की जानकारी जुटाई जा रही है। दिल्ली की ओर आने वाली बसों की जानकारी मिलने पर संबंधित स्थानीय पुलिस को निगरानी और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
छात्रों को प्रदर्शन में शामिल नहीं होने की सलाह
पुलिस ने PG संचालकों से भी संपर्क कर छात्रों को प्रदर्शन में शामिल नहीं होने की सलाह देने को कहा है। संभावित एंट्री पॉइंट्स पर अतिरिक्त चेकिंग और बैरिकेडिंग के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नई दिल्ली जिले में धरना या प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस का दावा है कि अनुमति मिलने से पहले ही CJP के नेता और वॉलेंटियर्स सोशल मीडिया के जरिए लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील कर रहे हैं। पुलिस के रोके जाने की स्थिति में मौके पर ही प्रदर्शन करने की अपील किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक, जुलाई में हुए CJP आंदोलन के दौरान जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में करीब 2,873 आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों की पहचान की गई थी। इनमें करीब 989 लोग गंभीर अपराधों से जुड़े बताए गए थे। पुलिस का दावा है कि इनमें 101 लोगों के खिलाफ हत्या के मामले दर्ज थे। वहीं, 42 लोगों पर दो या उससे अधिक हत्या के मामले और 12 लोगों पर 10 या उससे अधिक हत्या के मामले दर्ज होने की बात कही गई थी।
10 अक्टूबर के प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस ने अभी तक अनुमति नहीं दी है। हालांकि, CJP के प्रवक्ता सौरव दास के मुताबिक, संगठन ने पुलिस को प्रस्तावित प्रदर्शन की जानकारी दे दी है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत दिल्ली पुलिस ने 1 अक्टूबर से केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की कम से कम 20 कंपनियां मांगी हैं। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में CAPF की तैनाती की जा रही है। नई दिल्ली इलाके में कई जगह आवाजाही पर प्रतिबंध और अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। करीब 4,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की तैयारी है।
पुलिस बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के पहुंचने और हिरासत में लिए जाने के बाद भी उनके नहीं हटने की स्थिति से निपटने की तैयारी कर रही है। इसी क्रम में शहर के कुछ स्टेडियमों में अस्थायी डिटेंशन सेंटर बनाए जाने को लेकर संबंधित विभागों से बातचीत की जा रही है।
