Delhi Voter List: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) को लेकर जारी प्रक्रिया के बीच एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। चुनाव आयोग की ओर से मतदाता विवरणों में पाई गई तकनीकी खामियों और जानकारियों के बेमेल होने के कारण दिल्ली के करीब 33 लाख से ज्यादा मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। इस विशाल सूची में देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, , विदेश मंत्री एस जयशंकर, चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू तथा दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत कई हाई-प्रोफाइल नेताओं और वीआईपी मतदाताओं के नाम सामने आए हैं।
देश के दिग्गजों को भी चुनाव आयोग ने थमाया नोटिस (फाइल फोटो)
चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू को नोटिस
चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू को उनके चुनावी रिकॉर्ड में नाम की स्पेलिंग (वर्तनी) में अंतर या मिसमैच होने के कारण नोटिस दिया गया है। इसके चलते उनका नाम भी दिल्ली में सत्यापन प्रक्रिया के तहत चिन्हित मतदाताओं की सूची में शामिल हो गया है।
विदेश मंत्री जयशंकर और उनकी पत्नी भी सूची में शामिल
विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उनकी पत्नी के.एस. जयशंकर का नाम भी इस नोटिस सूची में शामिल है। उन्हें पिछले चुनावी डेटा या रिकॉर्ड के साथ मैपिंग न हो पाने के कारण यह नोटिस जारी किया गया है।
पूर्व पीएम लालकृष्ण आडवाणी का नाम शामिल
शनिवार को दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार ने इस बात की पुष्टि की कि प्रपत्रों में दर्ज जानकारियों का मिलान न होने के कारण लाखों मतदाताओं को नोटिस भेजे गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, 98 वर्षीय लालकृष्ण आडवाणी, उनकी बेटी प्रतिभा और बहू गीतिका के नाम का मिलान साल 2002 के विशेष गहन पुनरीक्षण के चुनावी रिकॉर्ड से नहीं हो सका, जिसके कारण उन्हें नोटिस थमाया गया है। हालांकि, उनके बेटे जयंत का नाम मैपिंग प्रक्रिया में सही पाया गया है। ये सभी नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के पंजीकृत मतदाता हैं।
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केजरीवाल और सिसोदिया को भी मिला नोटिस
दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया, उनकी पत्नी सीमा और बेटे मीर को भी नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, उनके बेटे के प्रपत्र में माता-पिता के नाम में विसंगति पाई गई है, जबकि उनकी पत्नी के फॉर्म में स्वयं के नाम में अंतर देखा गया है। चुनाव अधिकारियों का कहना है कि यह एक सामान्य और तार्किक सत्यापन प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसके तहत दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
इस प्रक्रिया की ज़द में केवल ये दो नेता ही नहीं आए हैं, बल्कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, आप संयोजक अरविंद केजरीवाल और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल जैसे दिग्गज नेताओं को भी इसी तरह के नोटिस मिले हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि संबंधित मतदाताओं द्वारा दिए गए दस्तावेजों और तथ्यों के सही सत्यापन के बाद ही उनके नामों को अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। उदाहरण के तौर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के दस्तावेजों का सत्यापन पूरा हो चुका है और उनका नाम 4 नवंबर को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची के लिए सुरक्षित कर लिया गया है। Draft लिस्ट के 97 लाख मतदाताओं में से अब तक 31.63 लाख से अधिक नोटिस तामील कराए जा चुके हैं।
