Delhi Coaching Centre Incident: दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित कोचिंग सेंटर हादसे के बाद दिल्ली पुलिस ने MCD को नोटिस भेजा है। इस नोटिस में एमसीडी अधिकारियों से कई सवाल किए गए हैं। मसलन राजेंद्र नगर इलाके में ड्रेनेज सिस्टम की जिम्मेदारी किसी अधिकारी की है? यहां साफ-सफाई का काम कौन देखता है? क्या किसी संस्था को ठेके पर काम दिया गया था? दिल्ली पुलिस ने इस घटना में दर्ज मामले की जांच के लिए संबंधित डॉक्यूमेंट भी मांगे हैं। सूत्रों की मानें तो नोटिस के बाद एमसीडी अधिकारियों से पूडताछ भी हो सकती है।
दिल्ली पुलिस ने एमसीडी को भेजा नोटिस।
सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस नालों की गाद निकालने और राव आईएएस स्टडी सर्किल को अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करने के बारे में एमसीडी अधिकारियों से पूछताछ कर सकती है। सूत्रों ने बताया कि जांच के दौरान आवश्यकता पड़ी तो संबंधित अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। बता दें, बरसाती नालों से गाद निकालने की जिम्मेदारी एमसीडी की होती है। ऐसा आरोप है कि ओल्ड राजेंद्र नगर में इस कोचिंग सेंटर के समीप कथित जल निकासी प्रणाली उचित तरीके से काम नहीं कर रही थी जिसके कारण सड़क पर बारिश का पानी इकट्ठा हो गया और कोचिंग सेंटर की इमारत के बेसमेंट में घुस गया।
ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट भी मांगेगी दिल्ली पुलिस
सूत्रों ने कहा कि पुलिस एमसीडी से अधिभोग प्रमाणपत्र (ऑक्यूपेन्सी सर्टिफिकेट) भी मांगेगी, जिसमें बेसमेंट के मालिक ने कथित तौर पर कहा था कि इस जगह का इस्तेमाल पार्किंग और सामान के भंडारण के लिए किया जाएगा। पुलिस ने बताया कि बेसमेंट का मालिक इसका इस्तेमाल एक पुस्तकालय के लिए कर रहा था और उसने प्रवेश द्वार पर बायोमीट्रिक प्रणाली भी लगायी थी।
एक महीने पहले हुई थी शिकायत
सूत्रों ने बताया कि पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि सिविल सेवा के एक अभ्यर्थी ने एक महीने पहले दिल्ली सरकार में शिकायत दर्ज करायी थी कि बेसमेंट का गैरकानूनी तरीके से संचालन किया जा रहा है। हालांकि, इसका कोई फायदा नहीं हुआ। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कुछ और लोग जांच के घेरे में हैं जिन पर घटना के लिए जिम्मेदार होने का संदेह है। उन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जा सकता है या उन्हें समन भेजा जा सकता है।
दिल्ली पुलिस ने दर्ज की है एफआईआर
दिल्ली पुलिस ने घटना की जांच के लिए एक प्राथमिकी दर्ज की और कई दल गठित किए हैं। राव आईएएस स्टडी सर्किल के मालिक और संयोजक को गिरफ्तार कर उन पर गैर इरादतन हत्या तथा अन्य आरोपों के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों को रविवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ भेज दिया गया। प्राथमिकी में कहा गया है कि जल निकासी प्रणाली के उचित तरीके से काम न करने के कारण सड़क पर बड़ी मात्रा में बारिश का पानी इकट्ठा हो गया और यह चार मंजिला इमारत के बेसमेंट में घुस गया जिसमें पुस्तकालय था। बेसमेंट में जल निकासी की कोई व्यवस्था न होने के कारण प्राधिकारियों को बचाव अभियान के दौरान पानी को पम्प के जरिए बाहर निकालने में पांच घंटे से भी ज्यादा का वक्त लगा।
