नई दिल्ली में निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के सरकारी आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुए हंगामे, कथित हमले और पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डालने के मामले में दिल्ली पुलिस ने एक प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। अधिकारियों द्वारा सोमवार (3 अगस्त 2026) को दी गई जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई घटना के एक दिन बाद की गई है। रविवार को दो अज्ञात व्यक्ति सांसद पप्पू यादव के दिल्ली स्थित आवास में दाखिल हो गए थे। उस समय वहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस चल रही थी।
पप्पू यादव के आवास पर हंगामा
सरेआम हुआ हंगामा
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, इन दोनों व्यक्तियों ने सांसद के आवास में प्रवेश करने के बाद कथित तौर पर चप्पल फेंकी, जिसके बाद वहां मौजूद लोगों और सुरक्षाकर्मियों के साथ उनकी तीखी झड़प और हाथापाई शुरू हो गई। इस घटना से परिसर में अचानक सुरक्षा को लेकर हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत संगीन धाराएं दर्ज
पुलिस कर्मियों की शिकायत और उनके साथ हुई बदसलूकी को आधार बनाकर दिल्ली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है:
- धारा 221: लोक सेवक (पब्लिक सर्वेंट) के आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा डालना।
- धारा 121(1): किसी लोक सेवक को उसकी ड्यूटी करने से रोकने या डराने के उद्देश्य से स्वेच्छा से चोट पहुंचाना।
- धारा 132: ड्यूटी पर तैनात लोक सेवक पर हमला करना या आपराधिक बल का प्रयोग करना।
- धारा 3(5): सामान्य इरादा - यानी दोनों आरोपियों द्वारा मिलकर साजिश के तहत घटना को अंजाम देना।
जांच में जुटी पुलिस और CCTV की पड़ताल
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सांसद के आवास पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने आरोप लगाया है कि जब वे स्थिति को संभालने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास कर रहे थे, तब आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की।
घटनाक्रम के सही क्रम और सच्चाई का पता लगाने के लिए सांसद आवास और उसके आस-पास के इलाकों के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। मौके पर मौजूद गवाहों और पीड़ित पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। हिरासत में लिए गए दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस पूरे हंगामे के पीछे उनका असली मकसद क्या था। पुलिस उनके दावों और सुरक्षाकर्मियों के बयानों का मिलान कर रही है।
