छात्रों के संसद मार्च के दौरान जमकर दागे गए थे आंसू गैस के गोले (फोटो- PTI)
हाईकोर्ट ने जल्द सुनवाई से किया इनकार
इस याचिका पर जल्द सुनवाई से इनकार करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि अदालत को इस सब में मत घसीटो। मामले की सुनवाई कल होगी। याचिकाकर्ता के वकील ने दिल्ली हाईकोर्ट में मुख्य न्यायधीश की पीठ के सामने आज ही मामले की सुनवाई करने की मांग की थी। याचिकाकर्ता के वकील ने प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली पुलिस द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग करने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस का लाठीचार्ज
बता दे कि दिल्ली पुलिस ने सोमवार को संसद मार्ग पर तब आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठियां भांजीं, जब मानसून सत्र के पहले दिन हजारों प्रदर्शनकारी संसद भवन की ओर मार्च कर रहे थे। दंगा-रोधी साजो-सामान से लैस अर्धसैनिक बलों को रविवार रात को ही तैनात कर दिया गया था और सोमवार को कई और कंपनियां तैनात की गईं।
पुलिस कर्मी भी घायल
भीड़ में मौजूद उपद्रवियों ने वस्तुएं भी फेंकीं, जिससे पुलिस समेत कई लोग घायल हो गए। कई प्रदर्शनकारी घायल हुए और कई पुलिसकर्मी खून से लथपथ दिखे। कल के संसद मार्च में भारी संख्या में पुलिस वाले भी घायल हुए हैं। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प में 118 से अधिक पुलिसकर्मी जख्मी हुए हैं। उसने बताया कि 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने बताया कि कि हिंसा के दौरान 60 प्रदर्शनकारी भी घायल हुए हैं। दिल्ली पुलिस ने बयान में बताया कि प्रदर्शनकारियों के उग्र, आक्रामक और हिंसक रुख के चलते हुई इस झड़प में विशेष पुलिस आयुक्त स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है।
