Delhi Car Blast: दिल्ली ब्लास्ट की मास्टरमाइंड बताई जा रही डॉ. शाहीन शाहीन और परवेज के नेटवर्क को लेकर जांच एजेंसियों ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। शुरुआती पड़ताल में परवेज का संपर्क लखनऊ में रह रहे कश्मीरी मूल के कुछ लोगों से जुड़ा पाया गया है। इसके बाद विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले कश्मीरी छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी इकट्ठा की जा रही है।
दिल्ली ब्लास्ट की मास्टरमाइंड बताई जा रही डॉ. शाहीन शाहीन की फाइल फोटो।(फोटो सोर्स: PTI)
परवेज के मोबाइल फोन और कॉल रिकॉर्ड की चल रही जांच
एजेंसियों ने LIU को कश्मीरी मूल के लोगों से जुड़े रिकॉर्ड जुटाने की जिम्मेदारी सौंपी है। साथ ही, इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में काम करने के दौरान परवेज से मिलने आने वाले लोगों की सूची तैयार की जा रही है। उसके घर से बरामद मोबाइल फोन और कॉल रिकॉर्ड की भी गहराई से जांच हो रही है।
इंटीग्रल यूनिवर्सिटी प्रशासन एजेंसियों को कश्मीरी छात्रों से जुड़े दस्तावेज सौंप चुका है। अब सुरक्षा एजेंसियां लखनऊ के अन्य शिक्षण संस्थानों में भी इसी तरह की जानकारी खंगाल रही हैं, ताकि परवेज के संपर्कों का पूरा दायरा स्पष्ट हो सके।
उत्तर प्रदेश ATS की जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी डॉक्टर परवेज अंसारी को आतंक के रास्ते पर उसकी बहन डॉ. शाहीन शाहिद ने ही धकेला था। शाहीन ने परवेज का ब्रेनवॉश कर उसे पाकिस्तानी आतंकी संगठनों से जोड़ा था।
बहन ने किया ब्रेनवॉश
सूत्रों के मुताबिक, शाहीन ने परवेज को कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित किया और धीरे-धीरे उसे आतंकी नेटवर्क के संपर्क में लाया। बताया जा रहा है कि पहले परवेज क्लीन शेव रहता था और पैंट-शर्ट पहनता था लेकिन कट्टरपंथ की राह पर जाने के बाद उसकी वेशभूषा पूरी तरह बदल गई। वह लंबी दाढ़ी रखने लगा, कुर्ता-पायजामा और टोपी पहनने लगा। ATS की जांच में यह सामने आया है कि परवेज लखनऊ की इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में काम करता था, जहां उसे हर महीने करीब 1.70 लाख रुपये वेतन मिलता था। उसके पास पंजाब नेशनल बैंक में एक खाता है, जिसकी पूरी डिटेल ATS ने बैंक से मांगी है।
