बागी TMC विधायकों की सदस्यता पर जल्द फैसला क्यों नहीं? सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, CJI ने क्या कहा?

वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने इस पर कहा कि किसी दिन सुप्रीम कोर्ट इस पूरे पैटर्न की जांच कर सकता है कि कैसे इन मामलों में जानबूझकर देरी की जाती है।

पश्चिम बंगाल के विधायक सोहनदेब चट्टोपाध्याय की उस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसमें तृणमूल कांग्रेस छोड़कर अलग राह अपनाने वाले बागी विधायकों के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाओं पर जल्द फैसला लेने की मांग की गई है। मामले की सुनवाई CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने की। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि तीन महीने की अवधि 8 अक्टूबर को पूरी हो जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि यहां भी वही पैटर्न अपनाया जा रहा है, जो शिवसेना मामले में सामने आया था। सिब्बल ने कहा कि अयोग्यता के मामले पर फैसला नहीं किया जाता और फिर चुनाव आयोग (ECI) के पास जाकर आदेश हासिल करने की स्थिति बनती है।

SC  on TMC rebels

SC में TMC के बागी विधायकों पर सुनवाई

CJI बोले- उम्मीद है स्पीकर कानून का पालन करेंगे

CJI सूर्यकांत ने कहा कि कोर्ट इस मामले का निपटारा इस टिप्पणी के साथ करेगा कि उसे उम्मीद है कि स्पीकर सुप्रीम कोर्ट के केशम मेघचंद्रा मामले में तय 3 महीने की अधिकतम समयसीमा का पालन करेंगे। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने इस पर कहा कि किसी दिन सुप्रीम कोर्ट इस पूरे पैटर्न की जांच कर सकता है कि कैसे इन मामलों में जानबूझकर देरी की जाती है।

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