Cyclone Arnab: चक्रवात अर्नब के संभावित असर से निपटने के लिए ओडिशा सरकार ने व्यापक तैयारियां की हैं। जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए सभी विभागों को अलर्ट पर रखा गया है। कृषि, ऊर्जा, मत्स्य और पशु संसाधन, पंचायती राज, ग्रामीण विकास, जल संसाधन, फायर सर्विस और ODRAF को हाई अलर्ट पर रखा गया है। डिप्टी सीएम और कृषि मंत्री कनक वर्धन सिंह देव ने कृषि भवन में हाई लेवल समीक्षा बैठक की। 25 अक्टूबर से 7 नवंबर तक सभी कृषि अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और उन्हें जिला मुख्यालय न छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
साइक्लोन अर्नब के लिए ओडिशा सरकार अलर्ट (फोटो साभार- iStock)
IMD के नेशनल बुलेटिन और 'ट्रैक ऑफ साइक्लोनिक डिस्टरबेंस' के अनुसार, चक्रवाती तूफान 28 अक्टूबर के आसपास आंध्र प्रदेश के तट को पार कर सकता है। इसके बापटला और विशाखापत्तनम के बीच टकराने की आशंका है। इस दौरान 125 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। मछुआरों को पूरी तरह समुद्र से दूर रहने और तटीय इलाकों में विशेष एहतियात बरतने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। मौसम विभाग के लाइव ट्रैकिंग मैप के मुताबिक, सिस्टम के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ने की प्रबल संभावना बनी हुई है।
किसानों के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 155333 शुरू
किसानों की मदद के लिए कृषि विभाग ने टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 155333 जारी किया है। यह कंट्रोल रूम 25 अक्टूबर से शुरू हो गया है। किसान सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक इस नंबर पर कॉल कर फसल प्रबंधन और मौसम संबंधी सलाह ले सकते हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि 80-85 प्रतिशत पकी धान की कटाई कर सुरक्षित जगह पर रखें। कटी फसलों को पॉलीथीन से ढकें, खेतों में जल निकासी के रास्ते साफ रखें और फिलहाल खाद-कीटनाशक का छिड़काव रोक दें। पके मक्का, रागी, मूंग, उड़द और सब्जियों की भी बारिश से पहले कटाई कर लें।
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मछुआरों को समुद्र में न जाने के निर्देश
ऊर्जा विभाग ने डिस्कॉम को आपदा प्रबंधन योजना सक्रिय करने को कहा है। बिजली लाइनों के पास पेड़ों की टहनियां काटी जा रही हैं, पोल, ट्रांसफार्मर और तारों का स्टॉक रखा गया है। GRIDCO के तहत 24 घंटे का कंट्रोल रूम बनाया गया है। सभी मछुआरों को 24 अक्टूबर तक तट पर लौटने और समुद्र में न जाने के निर्देश हैं। पशु अस्पतालों में दवाओं का स्टॉक और चारे की व्यवस्था की गई है। ब्लॉक स्तर पर वेटरनरी रैपिड रिस्पांस टीम बनाई गई है।जल संसाधन विभाग जलाशयों के जलस्तर और तटबंधों पर नजर रख रहा है। कच्चे मकानों में रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने को प्राथमिकता दी जा रही है। फायर सर्विस और ODRAF की सभी यूनिट्स को तैनात रहने को कहा गया है। भुवनेश्वर में SAP बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर 24 घंटे का कंट्रोल रूम काम कर रहा है।
क्षेत्रीय हेल्पलाइन और विभागीय एडवाइजरी
केंद्रीय किसान हेल्पलाइन (हाइलाइट): 155333 | समय: सुबह 8 से रात 8 बजे तक
विभागीय रीयल-टाइम एडवाइजरी:
कृषि विभाग: धान की तुरंत कटाई, पॉलीथीन से कवर, नाली साफ रखें
ऊर्जा विभाग: GRIDCO 24x7 कंट्रोल रूम - बिजली बाधा पर तुरंत शिकायत
मत्स्य विभाग: 24 अक्टूबर के बाद समुद्र में न जाएं, तट पर लौटें
जल संसाधन: निचले इलाकों में पंप तैयार, तटबंध निगरानी जारी
ODRAF / Fire: SAP बिल्डिंग कंट्रोल रूम, भुवनेश्वर - 24 घंटे सक्रिय, बोट और टावर लाइट तैयार
