सीआरपीएफ़ प्रमुख सुनील जून द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी को लिखे गए पत्र ने सियासी हलचल मचा दी है। पत्र में राहुल गांधी की सुरक्षा में लापरवाही और प्रोटोकॉल उल्लंघन का मुद्दा उठाया गया है। लेकिन कांग्रेस नेताओं ने इस पत्र की टाइमिंग और उसके तुरंत सार्वजनिक होने पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
राहुल गांधी (फाइल फोटो:X)
कांग्रेस कम्युनिकेशन विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा-'सीआरपीएफ़ के पत्र का समय और उसका तुरंत सार्वजनिक किया जाना गंभीर सवाल खड़े करता है। यह ठीक उसी समय सामने आया है जब राहुल गांधी चुनाव आयोग की मिलीभगत से हुई भाजपा की वोट चोरी के खिलाफ मोर्चा संभाले हुए हैं।'
उन्होंने पूछा-
▪️क्या यह विपक्ष के नेता को डराने की एक परोक्ष कोशिश है, जिन्होंने पहले ही एक और निकट भविष्य के खुलासे की घोषणा की है?
▪️क्या सरकार उस सच से घबरा गई है, जिसे वे उजागर करने वाले हैं?
इसी मुद्दे पर कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने 'टाइम्स नाउ नवभारत' से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी हाल ही में जिन विदेश दौरों पर गए, वे पूरी तरह निजी थे और परिवार के लोगों द्वारा योजनाबद्ध थे। ऐसे में निजी दौरों की जानकारी सार्वजनिक करना 'मुनासिब है, लेकिन ज़रूरी नहीं है।'
सूत्रों के मुताबिक, सीआरपीएफ प्रमुख सुनील जून ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि राहुल गांधी अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीरता नहीं बरत रहे हैं। राहुल गांधी को Z+ with ASL श्रेणी की सुरक्षा दी गई है, लेकिन वे बार-बार नियमों और येलो बुक प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते हैं। यहां तक कि बिना बताए विदेश यात्रा पर जाने की शिकायत भी दर्ज की गई है।
