लोकसभा चुनाव 2024 नजदीक आते-आते कांग्रेस की मुसीबतों का अंत होता नहीं दिख रहा है। पार्टी छोड़ने वालों की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है। अब देश के पहले गवर्नर जनरल सी राजगोपालचारी के पोते सी आर केशवन ने पार्टी छोड़ दी है। उन्होंने कहा कि पार्टी पुराने मूल्यों से दूर होती जा रही है।
सीआर केशवन ने छोड़ी कांग्रेस
कहा- अब पार्टी में पुराने मूल्य नजर नहीं आते ...
देश के पहले भारतीय गवर्नर जनरल सी राजगोपालाचारी के पोते सी आर केशवन ने गुरुवार को कांग्रेस से यह कहते हुए इस्तीफा दे दिया कि उन्हें अब पार्टी में पुराने मूल्य नजर नहीं आते हैं जिसने उन्हें दो दशकों से अधिक समय तक पार्टी के लिए काम करने के लिए प्रेरित किया था।
Attached herewith is my Letter of Resignation from the Indian National Congress. Jai Hind !@ANI @PTI_News… t.co/XYFTMKGOAf
— ANI (@ANI) Feb 23, 2023
ट्विटर पर अपना इस्तीफा साझा करते हुए उन्होंने कहा- मुझे यह कहते हुए वास्तव में दुख हो रहा है कि कुछ समय से मैंने कांग्रेस उन मूल्यों का कोई अवशेष नहीं देखा है, जिन्होंने मुझे दो दशकों से अधिक समय तक समर्पण के साथ पार्टी के लिए काम करने के लिए प्रेरित किया है। मैं अब अपने विवेक से यह नहीं कह सकता कि मैं पार्टी से सहमत हूं, जिसके लिए खड़ा रहूं, और न ही प्रचार करना चाहता हूं। यही कारण है कि मैंने हाल ही में राष्ट्रीय स्तर पर एक संगठनात्मक जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया था और भारत जोड़ो यात्रा में भाग लेने से भी परहेज किया था।
केशवन ने कहा, अभी किसी पार्टी में नहीं जा रहा हूं
उन्होंने कहा, यह मेरे लिए एक नया रास्ता तय करने का समय है और इसलिए मैं तत्काल प्रभाव से कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देता हूं। मेरे किसी और पार्टी में जाने की अटकलें लगेंगी, लेकिन अभी तक मैंने किसी से बात नहीं की है और ईमानदारी से कहूं तो मुझे नहीं पता कि आगे क्या होगा।
एके एंटनी के बेटे भी दे चुके हैं इस्तीफा
बता दें कि इसी तर्ज पर 25 जनवरी को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सोनिया गांधी के करीब ए के एंटनी के बेटे अनिल के एंटनी ने भी पार्टी छोड़ दी थी। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के बीच कांग्रेस को दक्षिण भारत में बड़ा झटका लगा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनी बीबीसी की विवादास्पद डॉक्यूमेंट्री को लेकर सियासी घमासान के बीच कांग्रेस के दिग्गज नेता एके एंटनी के बेटे अनिल के एंटनी ने कांग्रेस पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था। अनिल एंटनी ने ट्वीट कर अपने इस्तीफे का ऐलान किया था।
अनिल एंटनी ने ट्विटर पर लिखा था, ‘मैंने कांग्रेस से अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। मुझ पर एक ट्वीट को वापस लेने के असहिष्णुता से दबाव बनाया जा रहा था। वह भी उनकी तरफ से जो अभिव्यक्ति की आजादी के लिए खड़े होने की बात करते हैं। लेकिन मैंने मना कर दिया’। दरअसल, बीबीसी की ओर से पीएम मोदी और 2002 के गुजरात दंगों पर पर बनाई गई डॉक्यूमेंट्री का अनिल एंटनी ने विरोध किया था। इसके बाद कांग्रेस के भीतर ही उनका विरोध शुरू हो गया था और ट्वीट वापस लेने का दवाब बनाया जा रहा था।
