Covid Cases In India: देशभर में कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं, एक के बाद एक राज्यों में कोविड के नए मामले सामने आते जा रहे हैं। सबसे ज्यादा केरल में कोविड के नए मामले मिले हैं। कुछ राज्यों में तो कोरोना से मौत भी हो चुकी है। हालांकि उन्हें अन्य कई बीमारियां भी थीं। सरकार का कहना है कि कोविड का नया वैरिएंट ज्यादा खतरनाक नहीं है और इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है।
भारत में बढ़ रहे कोरोना के मामले
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केरल में सबसे ज्यादा कोरोना के मामले
केरल में कोविड-19 के उपचाराधीन मामले सबसे अधिक हैं। वर्तमान में इससे 430 लोग संक्रमित हैं। केन्द्र सरकार ने सोमवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार इस दक्षिणी राज्य में 19 मई से अब तक 335 नए मामले सामने आए हैं। केरल में अब तक ठीक होने वालों की संख्या सर्वाधिक हैं। राज्य में 19 मई से अब तक 105 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दी गई। इसी अवधि के दौरान कोविड से दो लोगों की मौत हो गई। राज्य सरकार ने सोमवार को कोविड के मामलों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। आंकड़ों से पता चलता है कि भारत में वर्तमान में कोविड-19 के 1,010 उपचाराधीन मामले हैं।
दिल्ली में कोविड के कितने मामले
दिल्ली में कोविड-19 संक्रमण के उपचाराधीन मरीजों की संख्या 104 हो गई है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के ‘कोविड-19 डैशबोर्ड’ के अनुसार, पिछले सप्ताह उपचाराधीन मरीजों की संख्या 99 थी। दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी ने आंकड़ों की पुष्टि की और कहा कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन अधिकारी किसी भी संभावित स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में हाल के हफ्तों में कोविड से संबंधित किसी भी मौत की सूचना नहीं है।
बिहार में कोरोना के मामले
बिहार में पटना स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के एक डॉक्टर समेत दो लोगों के कोविड-19 वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। अधिकारियों ने बताया कि पटना में 31 वर्षीय एक व्यक्ति के कोविड से संक्रमित होने की पुष्टि हुई जो ताजा लहर में बिहार का पहला मामला है। पटना के सिविल सर्जन अविनाश कुमार सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘हाल में पटना के एक युवक में कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि हुई, हालांकि उसने राज्य से बाहर की यात्रा नहीं की है। संक्रमण का स्तर बहुत हल्का है। संक्रमित का इलाज एक निजी अस्पताल में किया जा रहा है। मामले की बारीकी से निगरानी की जा रही है और सभी आवश्यक प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है।’’
पश्चिम बंगाल में कोविड के मामले
पश्चिम बंगाल में चार और लोगों में कोविड-19 के संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसके बाद ऐसे मरीजों की संख्या 11 हो गई जो उपचाराधीन हैं। अधिकारी ने बताया कि सांस संबंधी समस्याओं वाले मरीजों का सरकारी और निजी अस्पतालों में उपचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इनमें से अधिकतर मामले कोलकाता और उसके आसपास के शहरों से सामने आए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इन मरीजों के स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है। शनिवार तक कोविड-19 से संक्रमित मरीजों की संख्या सात थी। रविवार शाम तक चार और मामले सामने आए।’’
महाराष्ट्र में कितने कोविड के मामले
महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी जारी है। राज्य स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सोमवार को कोरोना के 69 नए मरीज सामने आए हैं। इसके साथ ही राज्य में कुल सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 278 हो गई है। सोमवार को सामने आए 69 नए मामलों में सबसे अधिक 37 मामले मुंबई से रिपोर्ट हुए हैं। इसके अलावा ठाणे में 19, नवी मुंबई में 7, पुणे में 2 और रत्नागिरी, कोल्हापुर, लातूर के साथ ही पिंपरी चिंचवड से 1-1 मामले सामने आए हैं।
राजस्थान में कितने मामले
राजस्थान में भी कोविड संक्रमण ने फिर दस्तक दी है। राज्य में पिछले कुछ दिनों में कोरोना के कुल 7 नए मामले सामने आए हैं। इनमें जोधपुर में भी संक्रमण के मामले दर्ज किए गए हैं, जहां एक नवजात समेत कई मरीज कोविड पॉजिटिव पाए गए हैं।
नए वैरिएंट कितने खतरनाक
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने सोमवार को कहा कि भारत में कोविड-19 संक्रमण बढ़ रहा है, लेकिन चिंता की कोई बात नहीं है क्योंकि ये गंभीर नहीं हैं। बहल ने आश्वासन दिया कि सरकार सक्रिय रूप से मामलों की निगरानी कर रही है। बहल ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि संक्रमण की संख्या में वृद्धि हुई है और हम इस पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि संख्या बढ़ रही है, लेकिन चिंता की कोई बात नहीं है, क्योंकि अभी तक सभी कोविड मामलों में गंभीर मामलों का प्रतिशत आम तौर पर कम है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत स्थापित भारतीय सार्स-कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, एनबी.1.8.1 और एलएफ.7, जेएन.1 कोविड वैरिएंट, देश में सार्स-कोव-2 मामलों में वृद्धि के लिए जिम्मेदार हैं। बहल ने कहा कि ये सब-वेरिएंट प्राकृतिक या वैक्सीन-प्रेरित पिछली प्रतिरक्षा को चकमा दे सकते हैं। हालांकि, उनकी क्षमता पिछले ओमिक्रॉन और अन्य वेरिएंट से कम है।
