मोदी-शाह के खिलाफ आपत्तिजनक नारेबाजी, JNU ने कहा- होगी सख्त कार्रवाई, पुलिस से FIR दर्ज करने की मांग

विश्वविद्यालय ने दिल्ली पुलिस को लिखे अपने पत्र में कहा है कि कुछ छात्रों ने अत्यंत आपत्तिजनक और भड़काऊ नारे लगाए और उन्होंने सीधे तौर पर सुप्रीम कोर्ट की अवमानना की। विश्वविद्यालय ने सभी हितधारकों से किसी भी प्रकार की अनावश्यक गतिविधियों में शामिल होने से बचने और परिसर में शांति और सद्भाव बनाए रखने में सहयोग करने का आग्रह किया,...

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने मंगलवार को कहा कि एक विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्र संघ द्वारा अत्यंत आपत्तिजनक और भड़काऊ नारेबाजी वाले वीडियो का उसने गंभीर संज्ञान लिया है और जोर दिया कि ऐसे कृत्य संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जानबूझकर अनादर दर्शाते हैं। जेएनयू का कहना है कि नारेबाजी में शामिल छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और उन्हें तत्काल निलंबित किया जाएगा। विश्वविद्यालय ने पुलिस से सोमवार रात एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारे लगाए जाने के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने का भी आग्रह किया है। जेएनयू प्रशासन ने वसंत कुंज (उत्तर) के थाना प्रभारी को लिखे एक पत्र में कहा कि जेएनयूएसयू से जुड़े छात्रों द्वारा रात करीब 10 बजे ‘गुरिल्ला ढाबे के साथ प्रतिरोध की रात’ नामक एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।

JNU slogans row

JNU में फिर आपत्तिजनक भाषण और नारेबाजी (File photo)

भड़काऊ और आपत्तिजनक नारे लगाए

पत्र में कहा गया कि शुरू में ऐसा लगा कि यह कार्यक्रम पांच जनवरी, 2020 की घटना की याद में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें लगभग 30 से 35 छात्र उपस्थित थे। हालांकि, उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाओं पर न्यायिक फैसले के बाद कार्यक्रम का स्वरूप बदल गया, जिसके बाद कुछ प्रतिभागियों ने के रजिस्ट्रार द्वारा जारी बयान में कहा गया है, ऐसा कृत्य संवैधानिक संस्थाओं और सभ्य एवं लोकतांत्रिक संवाद के स्थापित मानदंडों के प्रति जानबूझकर अनादर दर्शाता है। सभी हितधारकों को असहमति, अपमानजनक टिप्पणी और घृणास्पद भाषण के बीच स्पष्ट अंतर को समझना चाहिए।

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