Ship Wan Hai 503 catches fire : केरल के तट के समीप एक और मालवाहक पोत दुर्घटना का शिकार हुआ है। सिंगापुर के ध्वज वाले मालवाहक पोत वैन हे 503 के कंटेनरों में सोमवार को आग लग गई। यह मालवाहक पोत बेपोर के तट से करीब 88 नॉटिकल मील की दूरी पर था तभी यह घटना हुई। बताया जाता है कि पोत पर विस्फोट होने के बाद कुछ कंटेनर पोत से नीचे समुद्र में गिर गए। इस पोत पर चालक दल के 22 सदस्य सवार थे। चालक दल के सदस्यों में चीन के आठ, ताइवान के छह, म्यांमार के पांच और इंडोनेशिया के तीन नागरिक शामिल हैं।
केरल तट के समीप मालवाहक पोत पर लगी आग।
भारतीय तटरक्षक का कहना है कि पोत में विस्फोट होने के बाद चालक दलों ने जहाज को छोड़ दिया। चालक दल के 18 सदस्यों को बचा लिया गया है जकि चार अभी भी लापता हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा है।
कोलंबो से न्हावा शेवा, मुंबई जा रहा था मालवाहक पोत
यह घटना भारतीय समयानुसार सुबह 9.20 बजे, केरल के कन्नूर जिले के अझिक्कल से लगभग 44 समुद्री मील दूर और कोच्चि से 130 समुद्री मील उत्तर-पश्चिम में हुई। रक्षा सूत्रों ने बताया कि सिंगापुर के ध्वज वाले कंटेनर जहाज एमवी वान हाई 503 पर सवार चालक दल के 22 सदस्यों में से 18 को भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल की मदद से बचा लिया गया है। उन्हें नौसेना के पोत आईएनएस सूरत के जरिये मंगलुरु बंदरगाह लाया जा रहा है, ताकि आगे की आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा सकें। सिंगापुर के ध्वज वाला जहाज कोलंबो से न्हावा शेवा, मुंबई जा रहा था।
आग ने तेजी से जहाज को अपनी चपेट में लिया
तट रक्षक बल की एक विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘आग ने तेजी से जहाज के मध्य भाग को अपनी चपेट में ले लिया। प्रारंभिक रिपोर्टों से पता चलता है कि 10-15 कंटेनर पानी में गिर गए।’ चालक दल के सदस्यों में आठ चीनी, छह ताइवानी, म्यांमा के पांच नागरिक और तीन इंडोनेशियाई नागरिक शामिल हैं। विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘विस्फोट और आग के फैलने के बाद, चालक दल ने जहाज को छोड़ दिया था। चालक दल के 18 सदस्यों को बचा लिया गया है, जबकि चार लापता हैं। खोज और बचाव अभियान अभी जारी है।’
270 मीटर है जहाज की लंबाई
समुद्री सुरक्षा एजेंसियों द्वारा उपलब्ध कराए गए फुटेज में सिंगापुर के ध्वज वाले कंटेनर जहाज के मध्य भाग में आग लगी दिखाई दे रही है। जहाज की लंबाई 270 मीटर है। तटरक्षक बल ने कहा कि उसने तत्काल कार्रवाई शुरू की, हवाई निगरानी और स्थिति का आकलन करने के लिए जीवन रक्षक राफ्ट से लैस दो डोर्नियर विमान तैनात किए हैं। विशेष अग्निशमन और प्रदूषण प्रतिक्रिया जहाजों सहित पांच आईसीजी (भारतीय तटरक्षक बल) जहाजों को घटना स्थल पर भेजा गया है।
जहाज से लगातार निकल रहा धुआं
मुंबई स्थित समुद्री बचाव समन्वय केंद्र (एमआरसीसी) ने इंटरनेशनल शेफ्टी नेट (आईएसएन) को सक्रिय कर दिया, जिससे पास के व्यापारिक जहाजों एमवी अम्बरा और एमवी वन मार्वल को बचाव कार्य में मदद करने के लिए भेजा गया। संकट की स्थिति का संदेश सबसे पहले एम.वी. केप वालेंसिया द्वारा एम.आर.सी.सी. मुंबई को भेजा गया था। विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘जहाज से लगातार धुआं निकल रहा है तथा जहाज पर लगी आग के कारण आगे और भी विस्फोट होने का खतरा है। क्षेत्र में समुद्री यातायात को जहाज से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।’
