सिसोदिया की गिरफ्तारी पर कांग्रेस में निकला बीच का रास्ता, दिल्ली में जारी रहेगा AAP के खिलाफ हल्लाबोल

  • Written by: गौरव श्रीवास्तवEdited by: आलोक कुमार राव
  • Updated Mar 2, 2023, 08:33 AM IST

Manish Sisodia Arrest News: कांग्रेस की राज्य इकाइयों का ये तर्क था कि इसी आम आदमी पार्टी ने सोनिया-राहुल से ईडी की पूछताछ के वक़्त राष्ट्रपति को दिए जाने वाले ज्ञापन में दस्तखत करने से मना कर दिया था। इसके अलावा इन सभी राज्यों में आप से सियासी लड़ाई नहीं लड़ने पर कांग्रेस पार्टी अपना वोट बैंक भी खो देगी।

Manish Sisodia : मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी पर विरोध और समर्थन को लेकर पशोपेश में उलझी कांग्रेस से एक और खबर निकल कर सामने आई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय कांग्रेस और दिल्ली कांग्रेस के बीच के कन्फ्यूजन को खत्म करने के लिए आलाकमान ने अब एक फॉर्मूला निकाल लिया है। नए फॉर्मूले के तहत कांग्रेस पार्टी की राज्य इकाई यानी कि दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमिटी को ये खुली छूट दे दी गई है कि वो आम आदमी पार्टी के खिलाफ़ सियासी लड़ाई जारी रखे। इसके लिए कांग्रेस ने वामदलों वाला फॉर्मूला आप के साथ भी लागू करने का फैसला किया है। इसका मतलब ये होगा कि जैसे केरल में कांग्रेस लेफ्ट के खिलाफ खड़ी रहती है लेकिन केंद्र की राजनीति में साथ वैसा ही आम आदमी पार्टी के साथ होगा। यानी कांग्रेस पार्टी भविष्य में संसद या केंद्रीय स्तर पर विपक्षी एकता के नाम पर आम आदमी पार्टी के लिए रास्ता खुला रखेगी।

Manish sisodia

शराब घोटाले में सीबीआई की रिमांड में हैं मनीष सिसोदिया।

विपक्षी एकता के लिए AAP मजबूरी या जरूरत, अभी तय नहीं

बिहार से जेडीयू और राजद, महाराष्ट्र से शिवसेना(उद्धव गुट) ने कांग्रेस पर दबाव डालकर मनीष सिसोदिया के खिलाफ जांच एजेंसियों की कार्रवाई के मामले पर सहयोग मांगा। जिसके बाद पार्टी के मीडिया प्रभारी जयराम रमेश ने दिल्ली कांग्रेस कमिटी को भरोसे में लिए बिना ही ट्वीट में गिरफ्तारी का विरोध कर दिया। लेकिन इसके बाद न सिर्फ दिल्ली बल्कि पंजाब, गुजरात और गोवा की प्रदेश कांग्रेस कमिटी ने नाराज़गी जाहिर करते हुए केंद्रीय कांग्रेस के स्टैंड पर प्रश्नचिन्ह लगा दिए।

कांग्रेस की राज्य इकाइयों का ये तर्क था कि इसी आम आदमी पार्टी ने सोनिया-राहुल से ईडी की पूछताछ के वक़्त राष्ट्रपति को दिए जाने वाले ज्ञापन में दस्तखत करने से मना कर दिया था। इसके अलावा इन सभी राज्यों में आप से सियासी लड़ाई नहीं लड़ने पर कांग्रेस पार्टी अपना वोट बैंक भी खो देगी। तेजतर्रार कांग्रेस नेता अलका लांबा का ये मानना है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को सातों सीट पर अकेले चुनाव लड़ना चाहिए। क्योंकि बीजेपी की बी टीम के रूप में आम आदमी पार्टी का एजेंडा कांग्रेस को कमजोर करना है।

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