संविधान पर बहस के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर निर्मला सीतारमण के हमले पर कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने खुद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से स्नातक किया है। राज्यसभा में बोलते हुए खड़गे ने कहा कि सीतारमण भले ही 'आर्थिक विशेषज्ञ' हों, लेकिन उनके काम अच्छे नहीं हैं।
निर्मला सीतारमण पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने कटाक्ष किया
'मुझे उन्हें बताना होगा कि मैं भी पढ़ना जानता हूं। मैंने नगर पालिका स्कूल से पढ़ाई की है। उन्होंने (निर्मला सीतारमण) जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है। यह तय है कि उनकी अंग्रेजी अच्छी होगी, उनकी हिंदी अच्छी होगी, लेकिन उनके काम अच्छे नहीं हैं' खड़गे ने चुटकी ली।
खड़गे ने सीतारमण पर पलटवार तब किया जब वित्त मंत्री ने नेहरू पर 1951 में संविधान में संशोधन करके अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने का आरोप लगाया। भाजपा पर गांधी परिवार को गाली देने का आरोप लगाते हुए खड़गे ने कहा कि 'जो लोग तिरंगे, अशोक चक्र और संविधान से नफरत करते थे' वे आज संविधान पर शिक्षा दे रहे हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, 'वे लोग जो राष्ट्रीय ध्वज से नफरत करते हैं, जो हमारे 'अशोक चक्र' से नफरत करते हैं, जो संविधान से नफरत करते हैं... ऐसे लोग हमें सिखाने की कोशिश कर रहे हैं। जब संविधान बनाया गया, तो इन लोगों ने इसे जला दिया। जिस दिन संविधान को अपनाया गया, उसी दिन उन्होंने रामलीला मैदान (दिल्ली में) में बाबासाहेब अंबेडकर, जवाहरलाल नेहरू, महात्मा गांधी के पुतले जलाए।' खड़गे ने राहुल गांधी के आरोप को दोहराते हुए कहा कि RSS नेताओं ने भारत के संविधान का विरोध किया क्योंकि यह मनुस्मृति पर आधारित नहीं था।
