19 अक्टूबर को कांग्रेस अध्यक्ष के लिए हुए चुनाव में मल्लिकार्जुन खड़गे ने बाजी मार ली। उन्हें जहां 7897 मत मिले वहीं शशि थरूर को सिर्फ 1072 मत मिले थे। लेकिन चुनावी प्रक्रिया में 400 से अधिक मत अवैध घोषित कर दिए गए। अब सवाल यह है कि क्या किसी डेलीगेट्स ने दोनों उम्मीदवारों पर टिक किया या टिक उस बॉक्स से बाहर था। लेकिन ऐसा किसी ने नहीं किया था। तब सवाल है कि आखिर वोट अवैध होने की वजह क्या थी। दरअसल 400 से अधिक डेलीगेट्स ने मतपत्र पर राहुल गांधी का नाम लिख दिल बना दिया और उसकी वजह से वोट को रद्द करने का फैसला लिया गया।
कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव में शशि थरूर और मल्लिकार्जन खड़गे आमने सामने थे
थरूर को इन राज्यों में ज्यादा समर्थन
जो 416 वोट अवैध घोषित हुए हैं उनमें से ज्यादातर पर राहुल गांधी का नाम और दिल तो कुछ मतपत्रों पर स्वष्तिक का निशान है। अगर इन 416 वोटों को एकतरफा माना जाए तो जीत का अंतर या तो और बड़ा होता या कम होता। जानकार कह रहे हैं कि भले ही थरूर को 1072 वोट मिले हों एक बात तो साफ है कि थरूर को मानने वाले लोग भी हैं उनके विचारों को समझने वाले डेलीगेट्स भी हैं। थरूर को कुल वोट पोल का 12 फीसद समर्थन मिला गहै। खास बात है कि उत्तर प्रदेश, झारखंड़, केरल, जम्मू-कश्मीर में सबसे अधिक समर्थन हासिल हुआ है।
"उधर भी अपने ही थे, सब के सब इधर भी अपने थे, सारे के सारे तुम जो जीते तो भला क्या जीते? हम जो हारे तो भला क्या हारे?" कांग्रेस परिवार की जीत पर सबको बधाई। जय कांग्रेस!मित्रों, कांग्रेस का का अध्यक्ष बनना बहुत सम्मान और जिम्मेदारी की बात है। इस कार्य में खड़गे जी की सफलता की कामना करता हूं। 1072 सहयोगियों का समर्थन प्राप्त करना एवं भारत भर में कांग्रेस के इतने शुभचिंतकों की आशाओं व आकांक्षाओं को आगे बढ़ाना मेरे लिए सौभाग्य की बात थी।
