Patna Opposition Meet: 23 जून को पटना में विपक्षी एकता की बैठक काफी हद तक सफल रही। सिर्फ आम आदमी पार्टी ने ही दिल्ली के अध्यादेश के मुद्दे पर कांग्रेस के रुख से नाराज होकर अगली बैठक में शामिल ही न होने की धमकी दे डाली, लेकिन अब आपको सिलसिलेवार सबसे बड़ी खबर बताते हैं।
हुआ यूं कि बैठक के बाद सभी विपक्षी दल के नेता बैठकर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित ही कर रहे थे, उसी वक्त आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के खिलाफ नाराजगी वाला अपना लिखित बयान मीडिया में जारी कर दिया। ये बात जैसे ही वहां मौजूद पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी को बताई गई। वो न सिर्फ हैरान हुए बल्कि नाराज भी।
दिन बीता और बाहर आई बड़ी खबर
उसके बाद प्रेस कांफ्रेंस खत्म हुई। दिन बीता और अब सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर निकल कर आई है। राहुल गांधी ने केजरीवाल के अध्यादेश को लेकर नाहक दबाव पर आम आदमी पार्टी से किसी भी तरह के गठबंधन न करने की मंशा साफ कर दी है। सूत्र बताते हैं कि राहुल गांधी ने अपने करीबियों से कहा है कि दिल्ली-पंजाब की स्टेट यूनिट का आम आदमी पार्टी से गठबंधन न करने का फैसला एकदम सटीक जान पड़ता है।
पहले बनाया था सीट शेयरिंग का फार्मूला
राहुल गांधी ने यहां तक कहा कि हमारी राज्य इकाइयां पहले ही आम आदमी पार्टी के साथ किसी भी तरह के समझौते के पहले ही खिलाफ थीं। इसके बावजूद कार्यकर्ताओं की राय के खिलाफ जाकर कांग्रेस आलाकमान ने लोकसभा में आप के साथ सीट शेयरिंग का फॉर्मूला बनाने का मन बनाया था। लेकिन विपक्षी एकता में डेंट पहुंचाने की केजरीवाल की मंशा को देखते हुए अब ये नामुमकिन है।
