बजरंग दल की तुलना प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से किए जाने के मामले में कांग्रेस के शीर्ष नेता कानूनी मुश्किलों में घिरते नजर आ रहे हैं। मुंबई की एक अदालत ने सोमवार को पुलिस को इस संबंध में दर्ज शिकायत की जांच कर रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
डीके शिवकुमार, मल्लिकार्जुन खरगे और सिद्धारमैया
कब का है मामला
यह मामला 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस द्वारा बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की मांग से जुड़ा है। इस मामले में मुंबई निवासी बजरंग दल के कार्यकर्ता वशिष्ठ नारायण बावन चौधरी ने अधिवक्ता संतोष दुबे के माध्यम से अदालत में शिकायत दायर की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस ने जानबूझकर बजरंग दल की तुलना प्रतिबंधित आतंकी संगठन PFI से की, जिससे संगठन की छवि को नुकसान पहुंचा और समाज में उसे बदनाम करने का प्रयास किया गया।
शिकायत में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के नाम प्रमुख रूप से शामिल हैं। अदालत ने पुलिस को भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 (मानहानि और मानहानि के लिए दंड) के तहत मामले की जांच करने का निर्देश दिया है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि एक राष्ट्रवादी संगठन की तुलना एक आतंकी संगठन से करना न केवल अपमानजनक है, बल्कि इससे कई कार्यकर्ताओं की भावनाओं को भी ठेस पहुंची है।
