अगले साल लोकसभा चुनाव होने हैं। भाजपा की विरोधी पार्टियां लगातार विपक्षी एकता की बात कह रही है। कोशिश भी कर रही है, लेकिन इसमें कई पेंच है। कांग्रेस के बिना या कांग्रेस के साथ। कांग्रेस के साथ तो भी बीआरएस और टीएमसी का क्या जो कांग्रेस के खिलाफ दिख रहे हैं। अब तो कांग्रेस भी खुलकर बीआरएस के खिलाफ मैदान में उतरी दिख रही है। सोमवार को प्रियंका गांधी ने हैदराबाद में एक रैली करके केसीआर और उनकी पार्टी पर जमकर हमला बोला है। जिसके बाद से कहा जा रहा है कि अब कांग्रेस के विपक्षी एकता में शायद की बीआरएस शामिल हो।
हैदराबाद में रैली को संबोधित करती हुई प्रियंका गांधी
प्रियंका गांधी का BRS पर हमला
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सोमवार को भारत राष्ट्र समिति (BRS) पर तेलंगाना के लोगों के सपने तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि बीआरएस की सरकार ने प्रदेश को अपनी जागीर और खुद को जागीरदार समझ लिया है। उन्होंने यहां कांग्रेस की ‘युवा संघर्ष’ रैली में यह भी कहा कि जिन उम्मीदों और सपनों के साथ तेलंगाना की स्थापना हुई थी वो पूरे नहीं हो सके।
कई मुद्दों पर घेरा
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि आज परिस्थितियां ये हैं कि सत्ताधारी लोगों को ही सारा पैसा मिल रहा है। यहां युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही है, बल्कि सत्ताधारी लोगों के करीबियों को मिल रही हैं। बीआरएस सरकार एक ऐसा शासन चला रही है जिसमें आपके सपने साकार नहीं हो पा रहे हैं। कांग्रेस महासचिव ने बीआरएस सरकार पर युवाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया और कहा- "सरकार में दो लाख नौकरियां खाली हैं, लेकिन वो भरी नहीं गयीं। 2014 के बाद से राज्य में करीब आठ हजार किसानों ने आत्महत्या की है। प्रदेश में रोजाना औसतन तीन किसान आत्महत्या कर रहे हैं।"
कांग्रेस को जिताने की अपील
प्रियंका गांधी ने तेलंगाना विधानसभा चुनाव से करीब छह महीने पहले प्रदेश की जनता का आह्वान किया कि वो एक ऐसी सरकार चुने जो उनके हित में काम करे। उन्होंने इस मौके पर एक 'युवा संकल्प' भी जारी किया, जिसमें बेरोजगारी भत्ते समेत युवाओं के लिए कई वादे किए गए हैं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के तेलंगाना के प्रति योगदान को याद किया और लोगों का आह्वान किया कि वो कांग्रेस का समर्थन करें ताकि उनके सपनों को पूरा करने के लिए काम हो सके।
कब होना है चुनाव
तेलंगाना में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं। प्रदेश की 2014 में स्थापना हुई थी और इसके बाद से ही यहां के. चंद्रशेखर राव के नेतृत्व में बीआरएस सत्तारूढ़ है। बीआरएस का पहले ‘तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) नाम था।
