कांग्रेस ने अपने राष्ट्रीय संगठन में बदलाव के बाद बुधवार को अपने महासचिवों और प्रदेश प्रभारियों की बैठक बुलाई है जिसमें संगठन को मजबूत बनाने पर मुख्य रूप से जोर दिया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में सभी राज्यों में संगठन को मजबूत करने के साथ ही बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर भी चर्चा संभव है।
कांग्रेस महासचिवों, प्रभारियों की बुधवार को बैठक (फाइल फोटो)
किन मुद्दों पर होगी चर्चा
माना जा रहा है कि इस बैठक में पिछले कुछ महीनों के विधानसभा चुनावों खासकर दिल्ली में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन को लेकर भी विचार विमर्श किया जा सकता है। साथ ही होने वाले चुनावों पर भी चर्चा हो सकती है।
कांग्रेस ने किए हैं कई बदलाव
कांग्रेस ने एक के बाद एक कई विधानसभा चुनावों में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद बीते शुक्रवार को अपने राष्ट्रीय संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए दो नए महासचिव और नौ प्रदेश प्रभारी नियुक्त किए थे। पार्टी ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और राज्यसभा सदस्य सैयद नासिर हुसैन को महासचिव तथा रजनी पाटिल, बीके हरिप्रसाद और मीनाक्षी नटराजन समेत नौ नेताओं को विभिन्न प्रदेशों का प्रभारी नियुक्त किया था।
कई नेताओं की संगठन से छुट्टी
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इन नेताओं को नई जिम्मेदारी सौंपने के साथ ही राजीव शुक्ला, मोहन प्रकाश, देवेंद्र यादव, अजय कुमार, दीपक बाबरिया और भारत सिंह सोलंकी को प्रदेश प्रभारी के दायित्व से मुक्त किया था। पार्टी ने हरियाणा, जम्मू कश्मीर, महाराष्ट्र और दिल्ली के विधानसभा चुनावों में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद संगठन में यह बदलाव किया।
