Abhijeet Dipke- नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक मामले को लेकर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) और सरकार के बीच तकरार एक बार फिर बढ़ गई है। सीजेपी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोमवार (3 अगस्त 2026) को केंद्र सरकार पर वादाखिलाफ़ी का आरोप लगाते हुए एक बार फिर से धरने पर बैठने की सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने समाचार एजेंसी 'एएनआई' (ANI) से बातचीत में सरकार की नीयत पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
दिपके ने दी केंद्र को चेतावनी
"सांसद-विधायक खरीदने के लिए करोड़ों हैं "
अभिजीत दिपके ने कहा कि नीट पेपर लीक संकट के चलते कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले पीड़ित छात्रों के परिवारों को सरकार ने अब तक ₹1 करोड़ की मुआवजा राशि नहीं दी है। किसी भी प्रभावित परिवार को अभी तक कोई आर्थिक मदद नहीं मिली है। दिपके ने सरकार पर तीखा तंज कसते हुए कहा, मुझे पता चला है कि सरकार कह रही है कि इसके लिए उन्हें नियमों और मानदंडों को देखना होगा। जब आपको सांसद या विधायक खरीदने होते हैं, तब आप करोड़ों रुपये खर्च कर देते हैं, लेकिन गरीब पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने के लिए आपको पहले नियमों की जांच करनी पड़ती है। इसका सीधा मतलब है कि सरकार की नीयत ही सही नहीं है।
क्या थीं CJP की प्रमुख मांगें और क्यों टूटा था धरना?
गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर CJP का 37 दिनों से चल रहा लंबा धरना 25 जुलाई को इस आश्वासन के बाद वापस लिया गया था कि सरकार उनकी प्रमुख मांगों पर विचार करेगी। संगठन की तीन मुख्य मांगें थीं:
- तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
- पेपर लीक के तनाव के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को ₹1-1 करोड़ का मुआवजा
- आंदोलनकारी छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर (FIR) को वापस लेना
नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति का विरोध
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार द्वारा प्रह्लाद जोशी को नया केंद्रीय शिक्षा मंत्री नियुक्त किए जाने पर भी दिपके ने कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा, हमारी मांग शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की थी, जो पूरी हो गई। लेकिन उनकी जगह किसे शिक्षा मंत्री बनाया गया? प्रह्लाद जोशी को, जिन्हें कभी बिल्किस बानो के दोषियों की रिहाई पर क्या रवैया था। सोचिए, स्कूल-कॉलेज जाने वाली छात्राओं को यह देखकर कैसा लगेगा? इसलिए हम इस नियुक्ति का बिल्कुल समर्थन नहीं करते हैं।
दोबारा आंदोलन का अल्टीमेटम
अभिजीत दिपके ने साफ किया है कि CJP छात्रों के अधिकारों के साथ कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार द्वारा सहमति जताई गई मांगों को जल्द से जल्द पूरा नहीं किया जाता और मुआवजे की राशि जारी नहीं की जाती, तो छात्रों को मजबूरन एक बार फिर सड़कों पर उतरकर बड़े पैमाने पर धरना प्रदर्शन शुरू करना पड़ेगा।
