कॉलेजियम को दबाव का विरोध करना चाहिए, पूर्व CJI चंद्रचूड़ सरकार के प्रति बहुत नरम थे, बोले पूर्व SC जज एस के कौल, छिड़ा विवाद

  • Agency by: PTI
  • Updated Oct 26, 2026, 08:19 AM IST

दिसंबर 2023 में सेवानिवृत्त हुए जस्टिस कौल ने लिखा है कि कार्यपालिका (सरकार) से निपटने के तरीकों में मतभेद के कारण जस्टिस चंद्रचूड़ के साथ उनके संबंधों में खिंचाव आ गया था।

Former SC judge SK Kaul: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस संजय किशन कौल ने जजों की नियुक्ति के मामले में भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) डी वाई चंद्रचूड़ के रुख की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि जस्टिस चंद्रचूड़ न्यायिक नियुक्तियों को लेकर सरकार के प्रति बहुत अधिक नरम थे। जस्टिस कौल ने अपनी आगामी आत्मकथा/संस्मरण 'विदाउट फियर ऑर फेवर' (Without Fear or Favour) में सुप्रीम कोर्ट के 6 रिक्त पदों को भरने के लिए हुई एक कॉलेजियम बैठक का जिक्र किया है। उन्होंने लिखा कि कोलेजियम बैठक से पहले ही 5 नामों पर आपसी सहमति बन चुकी थी, लेकिन बैठक के ठीक पहले जस्टिस चंद्रचूड़ ने छठवां नाम प्रस्तावित किया और सरकार की राय जानने पर विचार करने लगे।

Judges SC

पूर्व SC जज संजय किशन कौल और पूर्व CJI चंद्रचूड़ में थे मतभेद!

चीफ जस्टिस मुझे एक अलग कमरे में ले गए

PTI के मुताबिक, जस्टिस एस के कौल ने अपनी किताब में लिखा, "चीफ जस्टिस मुझे एक अलग कमरे में ले गए और उन्होंने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि क्या उन्हें सरकार का रुख/विचार जानने के लिए फोन करना चाहिए।" न्यूज पोर्टल 'द वायर' के लिए वरिष्ठ पत्रकार करण थापर को दिए इंटरव्यू में जस्टिस कौल ने कहा कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए कोलेजियम को कार्यपालिका (सरकार) के दबाव का मजबूती से विरोध करना चाहिए। जब उनसे पूछा गया कि क्या तत्कालीन CJI सरकार को खुश करने की कोशिश कर रहे थे या पूर्व-अनुमति मांग रहे थे, तो जस्टिस कौल ने स्पष्ट किया, मुझे नहीं लगता कि यह सरकार को खुश करने का सवाल था, लेकिन बात यह थी कि उन्होंने उन नामों पर मेरे साथ पहले चर्चा की थी। हम 5 नामों पर सहमत हो चुके थे और मुझे लगा कि कोलेजियम के अन्य सदस्य भी इस पर सहमत होंगे। लेकिन कॉलेजियम की बैठक में जाते-जाते यह छठवां नाम मेरे सामने रखा गया। मैंने उनसे साफ कह दिया कि यह नाम मुझे स्वीकार्य नहीं है और न ही दूसरों को होगा।

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