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CJP Protest LIVE : दीपके के अनशन का दूसरा दिन; सोनम वांगचुक की पत्नी को दिल्ली हाई कोर्ट से झटका

CJP Protest LIVE Updates: एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस शनिवार को जंतर मंतर पर बने मंच से उन्हें उठाकर ले गई। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर बीते 20 दिनों से अनशन कर रहे वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। वांगचुक को जंतर-मंतर से ले जाते समय भारी हंगामा देखने को मिला। सीजेपी के समर्थकों ने उन्हें ले जाने का विरोध किया। वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि उसने यह कार्रवाई हाई कोर्ट के निर्देश पर की। वांगचुक की सेहत लगातार खराब हो रही थी। डॉक्टर वांगचुक के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रख रहे थे। अनशन की वजह से एक्टिविस्ट का वजन लगातार कम हो रहा था।

CJP Protest LIVE Updates
CJP Protest LIVE : दीपके के अनशन का दूसरा दिन; सोनम वांगचुक की पत्नी को दिल्ली हाई कोर्ट से झटका

CJP Protest LIVE Updates: समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा कि वांगचुक को जबरन वहां से हटाया गया। सरकार संविधान को कुचल रही है। वहीं, सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि दिल्ली पुलिस उन्हें भी पीटा और उनके साथ बदसलूकी की। उन्हें थोड़ी देर तक जंतर-मंतर जाने से रोका गया। दिल्ली पुलिस ने लोगों एवं युवाओं से जंतर-मंतर खाली करने के लिए कहा है। दरअसल, शुक्रवार रात अपने एक वीडियो में वांगचुक ने लोगों से 20 मार्च के अपने सांसद में पहुंचने की अपील की। वांगचुक के अनशन को अब विपक्षी पार्टियों का समर्थन भी मिलने लगा था। विपक्ष के नेता एक-एक कर जंतर-मंतर पहुंच रहे थे और उन्हें अपना समर्थन दे रहे थे। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके अनशन पर बैठे हैं। इस बीच उन पर स्याही फेंकी गई है।

JUL 19, 2026 22:47 IST

सीजेपी (CJP) के प्रदर्शन को लेकर आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा, "दिल्ली के बाहर से आए युवाओं का उत्साह, दिल्ली के युवाओं से कई गुना ज्यादा है। भीषण गर्मी और भारी भीड़ के बावजूद युवा मंच के सामने बिना हिले-डुले बैठे हैं। उनके पास ठीक से बैठने या पैर फैलाने तक की जगह नहीं है, लेकिन फिर भी वे डटे हुए हैं क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि उन्हें न्याय मिलेगा।"उन्होंने आगे कहा, "देश के हर कोने से लोग बस, मोटरसाइकिल, ट्रेन और यहां तक कि हवाई जहाज से भी यहां पहुंच रहे हैं। मुझे विश्वास है कि कल का दिन भारत के इतिहास में एक ऐतिहासिक दिन होगा और सरकार को जनता की आवाज के आगे झुकना पड़ेगा।"

JUL 19, 2026 20:31 IST

20 जुलाई को सीजेपी (CJP) की ओर से संसद मार्च की खबरों पर नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने कहा, "यह स्पष्ट किया जाता है कि इस मार्च के लिए दिल्ली पुलिस को न तो कोई अनुमति आवेदन मिला है और न ही किसी तरह की अनुमति दी गई है।"उन्होंने कहा, "नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है। इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, विरोध मार्च निकालने या प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं है। केवल जंतर-मंतर पर, वह भी पूर्व अनुमति मिलने के बाद ही प्रदर्शन किया जा सकता है।"डीसीपी ने आगे कहा, "कल से संसद का सत्र भी शुरू हो रहा है। ऐसे में आम लोगों की सुरक्षा, संरक्षित व्यक्तियों (Protectees) की सुरक्षा और महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है।"उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "जो भी व्यक्ति बीएनएसएस की धारा 163 के आदेशों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली पुलिस सभी नागरिकों से अपील करती है कि वे कानून का सम्मान करें, किसी भी बिना अनुमति वाले जमावड़े या मार्च में शामिल न हों और शांति, सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।"

JUL 19, 2026 20:27 IST

सफदरजंग अस्पताल के मेडिसिन विभाग की प्रमुख (HOD) डॉ. प्रोफेसर मनीषा बैस ठाकुर ने सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर कहा, "सोनम वांगचुक जी फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में हैं। इस समय उनके सभी जरूरी स्वास्थ्य मानक (वाइटल पैरामीटर्स) स्थिर हैं। खून की जांच रिपोर्ट में भी पहले के मुकाबले थोड़ा सुधार देखने को मिला है।"उन्होंने आगे कहा, "हालांकि, लंबे समय से अनशन पर रहने की वजह से उनके शरीर पर काफी दबाव है। इसलिए उन्हें 24 घंटे डॉक्टरों की निगरानी में रखना जरूरी है। यदि कोई जटिलता सामने आती है, तो हमारी पूरी कोशिश होगी कि उसका तुरंत इलाज किया जाए।"डॉ. ठाकुर ने बताया कि "सोनम वांगचुक के इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल और एम्स (AIIMS) के विशेषज्ञ डॉक्टरों की संयुक्त टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। डॉक्टरों की राय है कि उनकी सेहत पर लगातार नजर रखना बेहद जरूरी है।"

JUL 19, 2026 19:11 IST

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने कहा, "मैं कल होने वाले प्रदर्शन में निश्चित रूप से सोनम वांगचुक का प्रतिनिधित्व करूंगी। हमने आज एक तत्काल याचिका दायर की थी, क्योंकि अगर आज हमें उन्हें शिफ्ट करने की अनुमति मिल जाती, तो हम उन्हें मेदांता ले जा सकते थे और कल सुबह तक प्रदर्शन स्थल पर पहुंच जाते। लेकिन हमें पहले से पता था कि इसकी अनुमति नहीं मिलेगी।"उन्होंने कहा, "मैं सोनम वांगचुक की ओर से कल मार्च में जरूर शामिल होंगी। मैं उन सभी छात्रों और अभिभावकों से कहना चाहती हूं, जो कल इस मार्च में शामिल होने आ रहे हैं, कि दो बातों का विशेष ध्यान रखें। पहली, यह मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए। दूसरी, ऐसे असामाजिक या शरारती तत्वों से सतर्क रहें, जो इस आंदोलन को भटकाने या इसका माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। किसी भी उकसावे में न आएं और आंदोलन को किसी दूसरी दिशा में न जाने दें।"डॉ. आंग्मो ने आगे कहा, "सोनम वांगचुक अपना अनशन उसी तरह जारी रखना चाहते हैं, जैसा वह अब तक करते आ रहे थे। डॉक्टर उन्हें तरल पदार्थ लेने के लिए कह रहे हैं, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया है। हालांकि, वह पानी पी रहे हैं।"

JUL 19, 2026 19:09 IST

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं अभिनेत्री पूनम पांडे ने कहा, "पूरा इंटरनेट और पूरा देश इस प्रदर्शन की चर्चा कर रहा है। छात्र सिर्फ अपने सवालों का जवाब मांग रहे हैं और मैं भी इसी वजह से यहां आई हूं। मैं सरकार से हाथ जोड़कर अपील करती हूं कि उनकी बात सुने। उन्होंने कई दिनों से खाना नहीं खाया है और सोनम वांगचुक की तबीयत भी पहले से खराब है।"उन्होंने आगे कहा, "मैं सिर्फ एक बात साफ करना चाहती हूं कि इंटरनेट पर जो कुछ भी चल रहा है, उसमें असली मुद्दा कहीं पीछे छूट गया है। इसमें कई दूसरी बातें जोड़ दी गई हैं। पूरा देश इससे प्रभावित हो रहा है और बंटता हुआ नजर आ रहा है। इसे धार्मिक या राजनीतिक मुद्दा न बनाया जाए। यह देखने में समय बर्बाद न करें कि कौन क्या कर रहा है या किसने क्या किया।"पूनम पांडे ने कहा, "यह प्रदर्शन NEET परीक्षा पेपर लीक के मुद्दे से शुरू हुआ था, लेकिन आज इसका मुद्दा बदल गया है। मुझे पता है कि कल मार्च निकाला जाएगा और वहां लाठीचार्ज जैसी स्थिति भी बन सकती है। मैं सिर्फ यही प्रार्थना करती हूं कि छात्रों को और परेशानी न झेलनी पड़े। वे पहले से ही काफी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।"

JUL 19, 2026 18:58 IST

शिवसेना (यूबीटी) विधायक आदित्य ठाकरे ने कहा, "आपने सोनम वांगचुक और अभिजीत दिपके को मिल रहे समर्थन को देखा है। आज महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों से युवा मुंबई में जुटे हैं। कल दिल्ली में भी इसी तरह का जोश और ताकत देखने को मिलेगी और यह आंदोलन लगातार बढ़ता जाएगा।"उन्होंने आगे कहा, "सबसे बड़ा मुद्दा यह है कि कल सोनम वांगचुक को हिरासत में लेना देश के लोकतंत्र के खिलाफ है। हमारी सिर्फ एक मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। हम देश के युवाओं की आवाज उठा रहे हैं।"

JUL 19, 2026 17:48 IST

सोनम वांगचुक केस: दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र से 3 दिन में मांगा जवाब, डॉक्टरों के इलाज में सहयोग करने का दिया निर्देश

सोनम वांगचुक की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार और अन्य पक्षों को तीन दिनों के भीतर अपना स्टेटस रिपोर्ट/जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह भी कहा कि सोनम वांगचुक इलाज के दौरान डॉक्टरों की टीम का पूरा सहयोग करेंगे और डॉक्टर जिस भी मेडिकल प्रक्रिया को जरूरी समझें, उसमें सहयोग करना होगा।

सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) चेतन शर्मा ने कहा, "अगर आदेश में लिखा जाए कि 'यदि वह चाहें', तो मान लीजिए वह पानी पीने से भी इनकार कर दें, फिर ऐसी स्थिति में क्या किया जाएगा?"

इस पर दिल्ली हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सोनम वांगचुक के इलाज से जुड़ा अंतिम फैसला अस्पताल की मेडिकल टीम ही स्थापित चिकित्सा प्रोटोकॉल के अनुसार लेगी। सुनवाई के दौरान ASG चेतन शर्मा ने अदालत को आश्वस्त किया कि सोनम वांगचुक की मेडिकल रिपोर्ट नियमित रूप से उनके परिवार के साथ साझा की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई को होगी।
JUL 19, 2026 13:06 IST

बीजेडी ने की सरकार से संवाद की अपील

बीजेडी अध्यक्ष और ओडिशा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने ट्वीट कर कहा, “मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि कई दिनों से शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ सार्थक संवाद शुरू किया जाए। छात्रों को अपने विचार रखने के लिए एक उचित मंच दिया जाना चाहिए। एक सशक्त लोकतंत्र संवाद के माध्यम से आगे बढ़ता है, खामोशी के माध्यम से नहीं। और जब बात देश के युवाओं की हो, तब यह संवाद और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है। बीजू जनता दल (बीजेडी) देश के युवाओं और छात्रों के साथ मजबूती से खड़ा है।”
JUL 19, 2026 12:11 IST

आज कैसी है सोनम वांगचुक की तबीयत

सफदरजंग अस्पताल की मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. चारू बंबा ने सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी देते हुए कहा, “कल की तरह आज भी वह पूरी तरह सतर्क, सचेत और सभी परिस्थितियों से अवगत हैं। उनके महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानक, जैसे रक्तचाप, नाड़ी दर और ऑक्सीजन सैचुरेशन, सामान्य हैं। हालांकि, उनके रक्त संबंधी जैविक और प्रयोगशाला जांच के कुछ मानक सामान्य सीमा से थोड़ा ऊपर या नीचे हैं। इसलिए हमारी मेडिकल टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही है और आवश्यक जांच कर रही है। उन्हें जरूरी उपचार दिया जा रहा है। लेकिन कमजोरी और लगातार उपवास पर रहने के कारण उन्हें निरंतर चिकित्सकीय निगरानी और बार-बार स्वास्थ्य जांच की आवश्यकता है।”
JUL 19, 2026 09:47 IST

सोनम की पत्नी ने उन्हें प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करने को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने अपने पति को सफदरजंग अस्पताल से किसी निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने कल जंतर-मंतर पर चल रहे उनके भूख हड़ताल स्थल से उन्हें कथित तौर पर हटाकर सफदरजंग सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया था। गीतांजलि आंगमो ने अदालत में कहा कि उन्हें सफदरजंग अस्पताल पर भरोसा नहीं है, इसलिए उनके पति को बेहतर उपचार के लिए किसी निजी अस्पताल में शिफ्ट किया जाए।
JUL 19, 2026 08:49 IST

CJP Protest Live: अभिजीत दीपके के अनशन का आज दूसरा दिन

JUL 19, 2026 08:35 IST

आंदोलन को लेकर क्या बोले CJP प्रवक्ता आशुतोष

JUL 19, 2026 07:37 IST

FAIMA ने वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर दिन में दो बार मेडिकल बुलेटिन जारी करने का अनुरोध किया

JUL 18, 2026 21:31 IST

सोनम वांगचुक की हालत स्थिर, लेकिन डिहाइड्रेशन से बढ़ी चिंता; इलाज लेने से अब भी किया इनकार

वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रात 9 बजे तक की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार, वह पूरी तरह होश में हैं और उनकी पल्स, ब्लड प्रेशर तथा ऑक्सीजन सैचुरेशन सामान्य सीमा में हैं। हालांकि, लंबे समय से जारी अनशन के कारण उनके शरीर में डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) के स्पष्ट लक्षण दिखाई दे रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी स्थिति को देखते हुए आगे किसी गंभीर जटिलता से बचाने के लिए तत्काल चिकित्सा हस्तक्षेप आवश्यक है।

अस्पताल के अनुसार, एम्स, नई दिल्ली के एक स्वतंत्र विशेषज्ञ ने भी सोनम वांगचुक की जांच की और इलाज कर रही मेडिकल टीम की इस राय से सहमति जताई कि उन्हें तुरंत ओरल या इंट्रावेनस (IV) फ्लूइड और इलेक्ट्रोलाइट थेरेपी दिए जाने की जरूरत है। एम्स के एक डॉक्टर को भी इलाज कर रही टीम में शामिल किया गया है, जो उनकी लगातार निगरानी और उपचार में सहयोग करेंगे।

इसके बावजूद, डॉक्टरों और स्वतंत्र विशेषज्ञ द्वारा कई बार समझाने के बाद भी सोनम वांगचुक ने IV फ्लूइड, ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ORS) और सभी दवाएं लेने से इनकार कर दिया है। उनके परिजनों ने भी अब तक डॉक्टरों द्वारा सुझाए गए उपचार के लिए सहमति नहीं दी है।

अस्पताल प्रशासन ने बताया कि सोनम वांगचुक की स्थिति पर लगातार कड़ी निगरानी रखी जा रही है। मेडिकल टीम उनके और उनके परिवार को लगातार समझाने का प्रयास कर रही है ताकि वे जल्द से जल्द उपचार के लिए सहमति दें और संभावित गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं से बचा जा सके।
JUL 18, 2026 18:33 IST

'हमें सोनम वांगचुक से मिलने नहीं दिया गया', अस्पताल के बाहर बोले माकपा महासचिव एमए बेबी

माकपा (सीपीआई-एम) के महासचिव एमए बेबी ने कहा, "पुलिसकर्मियों ने हमसे कहा कि हम केवल अस्पताल के निदेशक की अनुमति मिलने पर ही सोनम वांगचुक से मिल सकते हैं। जब अस्पताल के निदेशक बाहर आए, तो उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि इन्हें अंदर ले जाइए। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने ऐसा दिखाया कि वे हमें सोनम वांगचुक के पास ले जा रहे हैं, लेकिन वे बीच में ही गायब हो गए।"
JUL 18, 2026 17:18 IST

वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद केजरीवाल ने अभिभावकों, छात्रों से जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की

आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को लोगों से जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे लोगों के साथ खड़ा होना चाहिए। यह अपील वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 21वें दिन उन्हें अस्पताल ले जाए जाने के कुछ घंटे बाद की गई।

वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने घोषणा की कि वह जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर आंदोलन जारी रखेंगे। केजरीवाल ने ’एक्स’ पर एक वीडियो संदेश में कहा कि वांगचुक और दीपके अपने लिए नहीं, बल्कि देशभर के छात्रों के लिए भूख हड़ताल पर बैठे हैं।

उन्होंने अभिभावकों से चुप न रहने और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की मांग के समर्थन में प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। केजरीवाल ने कहा, ’’अगर वे आपके बच्चों के लिए जंतर-मंतर पर बैठे हैं, तो आप घर पर क्यों बैठे हैं? आप उनके साथ जंतर-मंतर पर क्यों नहीं बैठे हैं?’’

वांगचुक ने प्रश्नपत्र लीक रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। केजरीवाल ने नीट प्रश्नपत्र लीक और सीबीएसई की मूल्यांकन प्रणाली में कथित अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए दावा किया कि इससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है।

उन्होंने कहा कि लोगों को व्यक्तिगत रूप से प्रभावित होने का इंतजार करने के बजाय शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए लड़ रहे लोगों का समर्थन करना चाहिए। केजरीवाल ने जनभागीदारी की अपील करते हुए कहा कि यदि लोग अब आगे नहीं आए, तो भविष्य में परीक्षा के प्रश्नपत्र फिर से लीक होने पर उन्हें शिकायत करने का अधिकार नहीं होगा। उन्होंने कहा, ’’हम सभी को एक साथ सड़कों पर उतरना होगा। हम सभी को मिलकर अपनी आवाज बुलंद करनी होगी। तभी सरकार हमारी बात सुनेगी।’’
JUL 18, 2026 17:14 IST

सोनम वांगचुक की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती; 20 जुलाई के 'पार्लियामेंट मार्च' पर पुलिस सख्त

दिल्ली के जंतर-मंतर पर परीक्षा प्रणाली में कथित धांधली के खिलाफ चल रहे आंदोलन के बीच 20 दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें शनिवार सुबह सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उनके शरीर में डिहाइड्रेशन और कमजोरी की पुष्टि की है। पुलिस के अनुसार, कोर्ट के आदेश पर मेडिकल जांच के दौरान हंगामे के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। उधर, प्रदर्शन जारी है और CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है। 20 जुलाई के 'पार्लियामेंट मार्च' को लेकर दिल्ली पुलिस ने अनुमति से इनकार किया है।
JUL 18, 2026 17:07 IST

जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के नेता अनिल देशमुख ने कहा कि सोनम वांगचुक, अभिजीत और यहां अनशन पर बैठे अन्य युवा किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं।उन्होंने कहा, "जिस तरह सोनम वांगचुक को यहां से चादर में लपेटकर अस्पताल ले जाया गया, उसके बाद उन्होंने अपने परिवार और वहां मौजूद लोगों से साफ कह दिया कि वह किसी भी परिस्थिति में भोजन नहीं करेंगे। उन्होंने जबरन खाना खिलाने से भी इनकार कर दिया है। यानी अस्पताल में भी उनका अनशन उसी तरह जारी है, जैसा यहां जंतर-मंतर पर था।"अनिल देशमुख ने आगे कहा कि जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में लोग जुट रहे हैं और आने वाले समय में देश के हर राज्य से बड़ी संख्या में युवा यहां पहुंचने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 20 जुलाई को निकाला जाने वाला मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा।

JUL 18, 2026 16:32 IST

जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन को लेकर केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कई विपक्षी दल, जिन्होंने अपना राजनीतिक आधार खो दिया है, अब सोनम वांगचुक को अपना चेहरा बनाकर राजनीति कर रहे हैं।उन्होंने कहा, "एक व्यक्ति को अनशन जारी रखने के लिए छोड़ दिया गया है, जबकि सभी लोग उनकी बिगड़ती सेहत को लेकर चिंतित हैं। हमें भी चिंता है और अदालत भी इस मामले को लेकर चिंतित है। अगर दिल्ली पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा, तो इसलिए कि कोई भी देश सोनम वांगचुक जैसी शख्सियत को खोना नहीं चाहेगा।"चिराग पासवान ने आगे कहा कि यदि किसी को सरकार से असहमति है, तो लोकतंत्र में चुनाव के जरिए सरकार बदलने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि कई चर्चित लोग ऐसे आंदोलनों का समर्थन तो करते हैं, लेकिन चुनाव आते ही राजनीति से दूरी बना लेते हैं। कुछ लोगों को तो राजनीतिक व्यवस्था की बुनियादी समझ भी नहीं होती।उन्होंने कहा कि विरोध-प्रदर्शन करना हर नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है और लोगों को अपनी बात खुलकर रखने की आजादी है, लेकिन किसी एक व्यक्ति को पूरे राजनीतिक अभियान का चेहरा बना देना उचित नहीं है।

JUL 18, 2026 15:27 IST

अनशन के बाद सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ी, सफदरजंग अस्पताल में निगरानी में; डॉक्टरों ने जताई किडनी पर खतरे की आशंका

दिल्ली: सूत्रों के मुताबिक, लंबे समय से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक की तबीयत पर सफदरजंग अस्पताल में लगातार नजर रखी जा रही है। डॉक्टरों की जांच में उनके शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन), पोटैशियम का स्तर कम और कीटोन लेवल बढ़ा हुआ पाया गया है।

डॉक्टरों का कहना है कि उपवास के दौरान कीटोन का स्तर बढ़ना सामान्य हो सकता है, लेकिन यदि यह डिहाइड्रेशन के साथ काफी अधिक हो जाए तो इससे किडनी की कार्यक्षमता और शरीर की मेटाबॉलिक प्रणाली पर गंभीर असर पड़ सकता है।

अस्पताल प्रशासन लगातार उनके परिजनों को समझाने की कोशिश कर रहा है कि बिना किसी और देरी के इलाज शुरू करने की अनुमति दी जाए।