Jantar Mantar Students Protest: जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन के चलते कई मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने का मामला गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत के समक्ष यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि मेट्रो स्टेशन बंद होने से वकीलों और आम लोगों को अदालत पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जंतर-मंतर आंदोलन का असर सुप्रीम कोर्ट तक, मेट्रो बंद होने पर CJI सख्त। AI IMAGE
'वकीलों के खिलाफ कोई प्रतिकूल आदेश न हो'
विकास सिंह ने अदालत से अनुरोध किया कि यदि मेट्रो स्टेशन बंद होने के कारण कोई वकील समय पर अदालत नहीं पहुंच पाता है, तो उसके खिलाफ कोई प्रतिकूल (Adverse) आदेश पारित न किया जाए। इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने भरोसा दिलाया कि ऐसी स्थिति में किसी वकील के खिलाफ कोई प्रतिकूल आदेश पारित नहीं किया जाएगा।
CJI बोले- लंच तक मेट्रो नहीं खुली तो करेंगे दखल
सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कहा कि यदि लंच ब्रेक तक दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) की ओर से स्थिति सामान्य करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जाता, तो सुप्रीम कोर्ट इस मामले में हस्तक्षेप करने पर विचार करेगा। उन्होंने कहा, "अगर लंच तक कुछ नहीं होता और DMRC कोई कार्रवाई नहीं करती, तो हम इस मामले पर गौर करेंगे।"
गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन के मद्देनजर सुरक्षा कारणों से कई मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद किए गए हैं, जिससे रोजाना अदालत आने वाले वकीलों, मुकदमेबाजों और आम यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
