Assam Court Complex: भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने असम के उत्तरी गुवाहाटी में एकीकृत न्यायिक न्यायालय परिसर की आधारशिला रखी। इस मौके पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के न्यायाधीश और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत (फाइल फोटो)
रंगमहल में बन रहे नए परिसर में गुवाहाटी हाई कोर्ट भी होगा, जो असम, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम और नगालैंड के लिए हाई कोर्ट के रूप में कार्य करता है। अधिकारियों ने बताया कि आधुनिक न्यायिक शहर के रूप में परिकल्पित यह नया परिसर 148 बीघा (करीब 49 एकड़) भूमि पर विकसित किया जाएगा जिसके पहले चरण की लागत लगभग 479 करोड़ रुपये है।
बार एसोसिएशन के विरोध पर प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि गुवाहाटी हाई कोर्ट के नए परिसर का विरोध करने वाले लोग वास्तविकता से अनभिज्ञ हैं। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे के विकास का विरोध करने के लिए व्यक्तिगत हित वैध आधार नहीं होने चाहिए।
नए परिसर में क्या-क्या हैं सुविधाएं
नए परिसर में गुवाहाटी हाई कोर्ट, जिला न्यायालय की इमारतें और हाई कोर्ट कार्यालय तथा बार इमारतें होंगी। इसमें 900 कार और 400 दोपहिया वाहनों के लिए पार्किंग की सुविधा भी होगी। अधिकारियों ने कहा कि नया परिसर न्यायिक दक्षता को बढ़ाएगा और न्याय दिलाने की प्रक्रिया को तेज करेगा। उन्होंने बताया कि सभी नयी इमारतें पुलों के माध्यम से आपस में जुड़ी होंगी और इनमें उन्नत सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा और आपदा-रोधी डिजाइन का इस्तेमाल किया जाएगा।
नए परिसर का हो रहा विरोध
नए परिसर में गुवाहाटी हाई कोर्ट और जिला न्यायालय की इमारतें होंगी। साथ ही, त्वरित और सुलभ न्याय सुनिश्चित करने के लिए एकीकृत सुविधाएं भी होंगी। हालांकि, गुवाहाटी हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के सदस्य प्रस्तावित नए परिसर में स्थानांतरण का विरोध कर रहे हैं। गुवाहाटी हाई कोर्ट बार एसोसिएशन (GHCBA) के सदस्य गुरुवार और शुक्रवार को पुराने हाई कोर्ट भवन के सामने चार घंटे की भूख हड़ताल में शामिल हुए थे।
