राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर बड़ा बदलाव : CISF ने लागू की 'फंक्शनल कमांड' प्रणाली, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की ऐसे होगी सुरक्षा

गृह मंत्रालय की मंजूरी के साथ, CISF ने अपनी पुरानी 'भौगोलिक क्षेत्र आधारित' (टेरिटोरियल) कमांड प्रणाली को समाप्त कर एक नई और अत्यधिक विशेषज्ञता वाली 'कार्यात्मक' (फंक्शनल) सेक्टर प्रणाली लागू कर दी है। यह प्रयोग बल के लिए नया नहीं है। विमानन (एविएशन) सेक्टर 2001 से और परमाणु/अंतरिक्ष (DAE & DoS) सेक्टर 2018 से इसी फंक्शनल मॉडल पर शानदार नतीजे दे रहे हैं। अब पूरी फोर्स को इसी सफल मॉडल के सांचे में ढाल दिया गया है।

आज के दौर में युद्ध केवल सीमाओं पर नहीं लड़े जाते। दुश्मन, देश पर कब्जा किए बिना भी हमारे पावर ग्रिड, ऑयल रिफाइनरी या बंदरगाहों को निशाना बनाकर पूरे सिस्टम को पंगु बना सकता है। इसी आधुनिक चुनौती से निपटने और 'विकसित भारत' के अहम औद्योगिक ढांचे को अभेद्य बनाने के लिए, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने 1 नवंबर 2026 से अपनी सुरक्षा रणनीति में एक युगांतरकारी बदलाव किया है।

cisf

CISF ने लागू की'फंक्शनल कमांड'प्रणाली

गृह मंत्रालय की मंजूरी के साथ, CISF ने अपनी पुरानी 'भौगोलिक क्षेत्र आधारित' (टेरिटोरियल) कमांड प्रणाली को समाप्त कर एक नई और अत्यधिक विशेषज्ञता वाली 'कार्यात्मक' (फंक्शनल) सेक्टर प्रणाली लागू कर दी है।

End of Feed