Christmas 2025: क्रिसमस के जश्न में डूबा हिंदुस्तान, रोशनी से नहाए गिरिजाघर; उत्तर से दक्षिण तक यीशु पर उमड़ रहा प्यार!

Christmas 2025: देश-दुनिया में क्रिसमस के त्योहार का जश्न शुरू हो गया है। भारत के कोने-कोने पर स्थित गिरिजाघरों में प्रभु ईसा मसीह का जन्मदिन पर लोग झूमते गाते नजर आ रहे हैं। समाने आ रही मनमोहक तस्वीरें खूब लुभा रही हैं।

Christmas 2025: पूरी दुनिया में 25 दिसंबर यानी बुधवार को क्रिसमस का त्योहार मना रही है। आज से नये साल के आने की दस्तक सुनाई देने लगी है। प्रभु ईसा मसीह के प्रेम, निस्वार्थ सेवा, करुणा और क्षमा के आदर्श हैं। जीवन में शांति, समृद्धि और खुशी लाएं तथा एक सामंजस्यपूर्ण और करुणामय समाज के निर्माण में सहायक हैं। तमाम कामनाओं और इच्छाओं, प्रार्थनाओं के साथ प्रभु ईसा मसीह का जन्मदिन मनाया जा रहा है। उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक गिरिजाघरों में लोग प्रभु ईसु की झलक पाने को आतुर दिखाई दे रहे हैं। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने क्रिसमस के अवसर पर कोलकाता के मोस्ट होली रोजरी कैथेड्रल में सामूहिक प्रार्थना में भाग लिया। तमिलनाडु के राज्यपाल आर एन रवि, मुख्यमंत्री एम के स्टालिन और कई अन्य नेताओं ने क्रिसमस की पूर्व संध्या पर मंगलवार को राज्य में ईसाई समुदाय को शुभकामनाएं दीं। आपको बता दें कि 25 दिसंबर को दुनियाभर में क्रिसमस का त्यौहार प्रभु यीशू के जन्मदिन के तौर पर मनाया जाता है। ईसा का जन्म AD 1 माना जाता है। यहीं से अंग्रेजी कैलेंडर की शुरुआत भी मानी जाती है। यीशू यानी ईसा मसीह का जन्म फलस्तीन के बेथलहम शहर में हुआ था।

People Celebrating Christmas Festival

क्रिसमस 2025

बेथलहम में फीका पड़ा क्रिसमस का जश्न

गाजा में युद्ध की छाया में ईसा मसीह के पारंपरिक जन्म स्थान बेथलहम में मंगलवार को क्रिसमस की पूर्व संध्या पर उत्सव के दौरान चहल-पहल कम देखने को मिली। बेथलहम में उस प्रकार का उत्साह देखने को नहीं मिला जिस प्रकार का आमतौर देखने को मिलता है। मैंगर स्क्वायर को सजाने वाली रंग-बिरगी रोशनियां और विशाल क्रिसमस ट्री गायब थे और विदेशी पर्यटकों की भीड़ भी नहीं थी, जो सामान्यत: स्क्वायर में उमड़ती थी। फलस्तीनी सुरक्षा बलों ने 'नेटिविटी चर्च' के पास अवरोधक लगा दिए हैं। यह चर्च उस स्थान पर बनाया गया है जहां माना जाता है कि ईसा मसीह का जन्म हुआ था।

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