Chlorine Leak in Nagpurs Godhni: नागपुर के गोधनी इलाके में कलेक्ट्रेट कॉलोनी के पास स्थित एक वॉटर प्लांट में टैंकर से क्लोरीन गैस के रिसाव (Chlorine Leak) का मामला सामने आया है। रविवार और सोमवार की दरमियानी रात हुए इस हादसे के बाद आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया और कई स्थानीय निवासियों को सांस लेने में गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ा।
नागपुर के गोधनी में क्लोरीन गैस लीक (AI image)
देर रात हुआ रिसाव
मानकापुर पुलिस स्टेशन के अधिकारियों के अनुसार, रिसाव वॉटर प्लांट परिसर में खड़े एक टैंकर से देर रात हुआ। गैस के प्रभाव में आए कई लोगों को सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद तुरंत मेयो अस्पताल और पास के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। पुलिस और दमकल विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। पुलिस का कहना है कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है। क्लोरीन गैस का असर मुख्य रूप से वॉटर प्लांट के आसपास के क्षेत्र तक ही सीमित रहा। हालांकि, आसपास के इलाके में क्लोरीन की गंध बनी हुई है।
रात करीब 12:45 बजे रिसाव की सूचना
मनकापुर पुलिस स्टेशन के पुलिस इंस्पेक्टर हरेश कालशेकर ने बताया, महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण का एक जल शोधन संयंत्र गोंडी नगर पंचायत के अधिकार क्षेत्र में स्थित है। संयंत्र में क्लोरीन गैस रिसाव की सूचना रात करीब 12:45 बजे मिली। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। कई लोगों को अस्पताल भेजा गया, जबकि कुछ लोग स्वयं ही अस्पताल गए। बचाव अभियान के दौरान, घटनास्थल के 200 मीटर के दायरे को 'नो-मैन्स-लैंड' घोषित कर बैरिकेड लगा दिए गए; निवासियों को अपने घर छोड़ने की सलाह दी गई और उन्हें सुरक्षित क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया गया।
एनडीआरएफ और अग्निशमन दल ने संभाला मोर्चा
एनडीआरएफ और नगर निगम के अग्निशमन दल ने गैस रिसाव को रोकने और नियंत्रित करने के लिए संयुक्त अभियान चलाया। फिलहाल, 90% रिसाव को रोक दिया गया है और 40 लोग अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। इसके अलावा, 12 लोगों को छुट्टी दे दी गई है। स्थिति अब काफी हद तक नियंत्रण में है; घबराने की कोई जरूरत नहीं है और पुलिस जनता से अफवाहों पर विश्वास न करने का आग्रह करती है। तीन-चार लोग आईसीयू में इलाज करा रहे हैं, लेकिन सभी की हालत स्थिर है। हां, इस घटना में एक कुत्ते की मौत हो गई।
प्रशासन जांच में जुटा
गैस रिसाव से कुल कितने लोग प्रभावित हुए हैं, इसका सही आंकड़ा जुटाने का प्रयास प्रशासन की ओर से जारी है। अधिकारी घटना के कारणों और सुरक्षा में चूक की जांच कर रहे हैं ताकि रिसाव की वजह का सटीक पता लगाया जा सके।
