मोदी सरकार अब तक के कामकाज की समीक्षा के साथ अगले दौर की तैयारी में जुट गई है। मोदी सरकार के मंत्रिपरिषद के दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर’ के पहले दिन बुधवार को शासन व्यवस्था को बेहतर बनाने, प्रशासनिक सुधारों और जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ाने पर मंथन हुआ। बैठक में खासतौर पर महिलाओं और युवाओं तक सरकार की योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाने और विभिन्न मंत्रालयों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया गया।
पीएम मोदी।
चिंतन शिविर के पहले दिन करीब चार घंटे से अधिक चली बैठक में मंत्रियों को आठ समूहों में बांटा गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी समूहों के साथ अलग-अलग बातचीत की और मंत्रियों से उनके विभागों के कामकाज को लेकर फीडबैक लिया। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने सरकार की प्राथमिकताओं और आगे की कार्ययोजना को लेकर मंत्रियों को दिशा-निर्देश भी दिए।
‘जन विश्वास से जन आधार’ समेत कई मुद्दों पर चर्चा
सूत्रों ने बताया कि चिंतन शिविर में सरकार के विभिन्न स्तरों पर सुधार और विकसित भारत@2047 के लक्ष्यों को लेकर भी चर्चा हुई। इस दौरान इस पर भी मंथन किया गया कि सरकारी योजनाओं और नीतियों का लाभ लोगों तक ज्यादा तेजी और प्रभावी तरीके से कैसे पहुंचाया जाए। बैठक में अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों के बीच समन्वय मजबूत करने तथा पब्लिक सर्विस डिलीवरी को बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई। सरकार की योजनाओं की प्रगति, नीतियों के क्रियान्वयन, समय प्रबंधन और अंतर-मंत्रालयी तालमेल जैसे विषय बैठक के एजेंडे में शामिल रहे।
विकसित भारत@2047 की दिशा में आगे बढ़ेगा काम
सूत्रों के अनुसार, विकसित भारत@2047 को लेकर चल रही प्रक्रिया को भी चिंतन शिविर के जरिए आगे बढ़ाया जा रहा है। वर्ष 2021 से इस दिशा में काम चल रहा है। इसके लिए सचिवों के 10 सेक्टोरल समूह बनाए गए थे, जिन्होंने अल्पकालिक और दीर्घकालिक रोडमैप तैयार करने पर काम किया।इस प्रक्रिया के तहत अलग-अलग क्षेत्रों को लेकर मंत्रिपरिषद के सामने अब तक आठ प्रस्तुतियां और चर्चाएं हो चुकी हैं।
लोगों की समस्याओं और ‘ईज ऑफ लिविंग’ पर जोर
सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान मंत्रियों से लोगों की समस्याओं का समाधान और ईज ऑफ लिविंग को सरकार की प्राथमिकता बनाने पर जोर दिया। चिंतन शिविर में अनुपालन का बोझ कम करने, प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आसान बनाने और सरकारी सेवाओं की डिलीवरी में सुधार जैसे विषय भी चर्चा का हिस्सा रहे।
मंत्रालयों की वेबसाइट को ज्यादा उपयोगी बनाने के निर्देश
इस महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रियों से मंत्रालयों और विभागों की आधिकारिक वेबसाइटों को ज्यादा यूजर-फ्रेंडली बनाने पर काम करने को कहा था। इसका उद्देश्य लोगों के लिए सरकारी सूचनाओं और सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाना है।
