Religious Conversion : असम से लेकर राजस्थान तक और फिरोजाबाद से हैदराबाद तक। एक बार फिर शैतान सिंडिकेट एक्टिव हो गया है। इनका एक ही मकसद है। गरीबों को बरगलाना, लाचारों को बहकाना और उन्हें धर्म विशेष की घुट्टी पिलाकर अपने साथ जोड़ना। धर्मांतरण गैंग की कलई अब खुलने लगी है। दरअसल दुनिया की आंखों में धूल यही लोग झोंक रहे हैं जो खुद तो अवैध धर्मांतरण का गंदा खेल खेल रहे हैं और दूसरी तरफ हिन्दुस्तान को सहिष्णुता का पाठ भी पढ़ा रहे हैं। आज हम नवभारत पर ऐसी एक एक साजिशों का पर्दाफाश आपके सामने करेंगे। बताएंगे आपको कि हिन्दुस्तान के खिलाफ जहरीली साजिश कौन रच रहा है? कई सवाल हैं और जवाब भी जानिए।
पिछले एक महीने में असम में धर्म परिवर्तन की साजिश के 27 विदेशी किरदारों को धर दबोचा गया है। जिनमें 17 बांग्लादेशी, 3 स्वीडिश नागरिक और 7 जर्मन हैं। जो मासूम हिंदूओं को बरगलाकर उन्हें लालच देकर धर्मांतरण की साजिश रच रहे थे। लेकिन इससे पहले कि वो अपने इस गंदे धंधे के मंसूबे में कामयाब हो पाते। पुलिस के हत्थे चढ़ गए और पूरे खेल का खुलासा हो गया। टूरिस्ट वीजा लेकर धर्म परिवर्तन के इरादे से असम पहुंचे इन विदेशियों का भंडाफोड़ हुआ तो गुवाहाटी से लेकर दिल्ली तक हड़कंप मच गया।
बताया जा रहा है कि हीलिंग सेशन और फायर कॉन्फ्रेंस के नाम पर हिंदुओं को ईसाई बनाने का गंदा धंधा लंबे अरसे से चल रहा है। अक्टूबर के महीने में 25 से 27 तारीख तक डिब्रूगढ़ जिले के जिस घिनाई इलाके में ईसाई मिशनरी ने हीलिंग सेशन की आड़ में धर्म परिवर्तन को अंजाम दिया। उस इलाके में टाइम्स नाउ नवभारत की टीम ने ग्राउंड जीरो पर जाकर पूरी पड़ताल की। सच्चाई जानने की कोशिश की तो चौंकाने वाले खुलासे हुए।
असम के दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों का आरोप है कि विदेशी मजहबी संगठनों ने यहां कुछ ऐसे एजेंटों को रखा है। जो धर्म परिवर्तन गैंग के ठेकेदार के तौर पर काम करते हैं। बात सिर्फ असम के जिलों तक ही सीमित नहीं है। राजस्थान में भी कुछ ऐसा ही खेल खेला जा रहा है। राजस्थान के जिस शहर से सूबे की सरकार का राज चलता है। वहां से सिर्फ 25 किलोमीटर दूर झूठे दावे, बड़े झांसे और मूर्ति पूजा से अनहोनी का डर दिखाकर गरीब हिंदुओं, खासकर दलितों को ईसाई बनाने के खुलासे से सनसनी मच गई है। ये जयपुर का ग्राम पंचायत वाटिका है। जहां हिंदू संगठनों के आरोपों के मुताबिक 28 अक्टूबर को हजारों हिंदुओं को ईसाई बनाने का प्लान था। जिसके सबूत के तौर पर इस पोस्टर को पेश किया जा रहा है।
जिस पोस्टर धर्मपाल पर अनपढ़ दलितों को गुमराह करने का आरोप है। उसने खुद पंजाब जाकर ईसाइयत कबूल की थी और अब उस पर जयपुर के आसपास गरीब हिंदुओं को झांसे में लेकर ईसाई बनाने का इल्जाम लगा है। पास्टर धर्मपाल किस तरीके से धर्म परिवर्तन का धंधा चला रहा था? उसकी कहानी वेद प्रकाश नाम के शख्स ने सुनाई।
इस इलाके में अभी भी वो पोस्टर लगे हैं। जिनके जरिए यीशु मसीह के प्रचार के इश्तिहार दिए गए थे। इस पोस्टर पर पास्टर धर्मपाल की तस्वीर तो है ही। उसके साथ अमृत संधू की तस्वीर भी है। जो पंजाब के रहने वाले हैं और जिन पर धर्मपाल के धर्म परिवर्तन का आरोप है। बहरहाल, इन आरोपों की सच्चाई क्या है? ये पता लगाना पुलिस और जांच एजेंसियों का काम है लेकिन अबतक जो दावे सामने आए हैं। वो राजस्थान सरकार की साख पर बट्टा लगाने वाले हैं।
