Chandrayaan 3: भारत का चंद्रयान 3 मिशन, आज चांद की ओर एक और कदम बढ़ा देगा। चंद्रयान 3 आज एक बार फिर लंबी छलांग लगाकर चांद के चौथे ऑर्बिट में प्रवेश में कर लेगा। इसरो इसकी पूरी तैयारी कर चुका है।
आज चंद्रमा के चौथी कक्षा में प्रवेश करेगा चंद्रयान (फोटो-ISRO)
लगातार हो रही कक्षा बदले की प्रक्रिया
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) चंद्रयान-3 मिशन के लिए 14 अगस्त को एक अहम प्रक्रिया आयोजित करने के लिए तैयार है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य अंतरिक्ष यान को चंद्रमा की सतह के और करीब लाना है और इसे सुबह 11:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे के बीच अंजाम दिया जाएगा। इससे पहले, 9 अगस्त को ऐसी ही प्रक्रिया की गई थी। जिसके परिणामस्वरूप अंतरिक्ष यान की कक्षा 174 किमी x 1,437 किमी तक कम हो गई थी। कक्षा बदलने की इस प्रक्रिया के बाद अगला डी-ऑर्बिटिंग 16 अगस्त के लिए निर्धारित है।
कब करेगा लैंडिंग
चंद्रयान-3, चंद्रयान-2 के आगे का मिशन है और इसके 23-24 अगस्त को चंद्रमा पर उतरने की उम्मीद है। लैंडिंग से पहले, लैंडर को धीमा करने के लिए "डीबूस्ट" प्रक्रिया से गुजरना होगा। मिशन का उद्देश्य चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित लैंडिंग और घूमने की क्षमता का प्रदर्शन करना है।
इसरो ने क्या कहा
इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने विश्वास जताया कि चंद्रयान-3 का विक्रम लैंडर 23 अगस्त को चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि सेंसर या इंजन विफलता की स्थिति में भी, लैंडर को उचित टचडाउन सुनिश्चित करने के लिए डिजाइन किया गया है। चंद्रयान-3 को भारत के अंतरिक्ष अन्वेषण और अनुसंधान प्रयासों के तहत 14 जुलाई को लॉन्च किया गया था।
