चलो संसद: क्यों आई प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज की नौबत? खड़े हो रहे कई सवाल, पुलिस ने तेज की जांच

राजधानी दिल्ली में छात्रों के चलो संसद मार्च के दौरान उनपर लाठी चार्ज को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। सवाल है कि जो प्रदर्शन पिछले एक महीने से 'गांधीगिरी' के रास्ते पर शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था, वो अचानक उग्र कैसे हो गया? सवाल उठ रहा है कि क्या दिल्ली पुलिस स्थिति को संभाल नहीं पाई,या उसने जानबूझकर हालात को बिगड़ने दिया?

देश की शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने और लगातार हो रहे पेपर लीक की घटनाओं के खिलाफ जंतर-मंतर पर पिछले एक महीने से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस ने भारी बल प्रयोग किया है। 'कॉकरोच जनता पार्टी'(सीजेपी) द्वारा आज बुलाए गए'चलो संसद'मार्च के दौरान पुलिस और आरएएफ (RAF) के जवानों ने प्रदर्शनकारियों पर जमकर लाठियां बरसाईं और आंसू गैस के गोले छोड़े।

protest cjp

चलो संसद मार्च ।

संसद से 2 किलोमीटर के दायरे में दिन भर मची रही अफरातफरी

सीजेपी के समर्थक और छात्र पिछले दो रातों से ही भारी संख्या में जंतर-मंतर पर जुटने लगे थे। आज सुबह 9 बजे उनका संसद मार्च शुरू होना था। जंतर-मंतर से संसद की दूरी महज 1.5 से 2 किलोमीटर है,जिसे देखते हुए दिल्ली पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग की थी। दावा है कि प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सुरक्षा बलों की 25 कंपनियां तैनात की गई थीं। ऐसे में पुलिस की बैरिकेडिंग की वजह से जब प्रदर्शनकारी आगे नहीं बढ़ पाए,तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इस दौरान, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग हाथों में बैनर-पोस्टर लिए भारी संख्या में छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए और उनके इस्तीफे की मांग पर अड़े रहे। इस बीच, प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस और आरएएफ के जवानों ने उनपर लाठीचार्ज किया और आंसूगैस के गोले भी दागे।

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