केंद्र ने सशस्त्र बलों के लिए आपातकालीन रक्षा खरीद को दी मंजूरी; क्या होता है EP, कब दी जाती है मंजूरी?

केंद्र आमतौर पर संकट के दौरान ईपी की अनुमति देता है, और पिछली खेप ऑपरेशन सिंदूर के बाद आई थी। पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में चलाए गए आतंकवाद विरोधी अभियान के मद्देनजर अनुमति दी गई थी।

केंद्र सरकार ने सशस्त्र बलों के लिए आपातकालीन खरीद (EP) के एक और दौर को मंजूरी दे दी है। इस हालिया फैसले से यह सुनिश्चित होगा कि ईपी के पिछले दौर की अंतिम तिथि 19 नवंबर से पहले जिन सौदों को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका था, उन्हें पूरा किया जा सके। जरूरत पड़ने पर इसका मतलब तीनों सेनाओं के लिए अतिरिक्त संसाधन भी हो सकते हैं। आपातकालीन खरीद की अवधि 15 जनवरी तक जारी रहेगी, जिससे सेनाओं को उन समझौतों को अंतिम रूप देने का समय मिलेगा जो हस्ताक्षर होने के कगार पर हैं।

Army artillery gun

सेना के लिए आपातकालीन रक्षा खरीद को मंजूरी (PTI)

राजनाथ ने की रक्षा अधिग्रहण परिषद की बैठक की अध्यक्षता

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) की बैठक में रक्षा राज्य मंत्री, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, तीनों सेना प्रमुख, रक्षा सचिव और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के प्रमुख शामिल हुए। इस बैठक में शुक्रवार को आपातकालीन खरीद पर निर्णय लिया गया। यह एक छोटी बैठक थी और एजेंडा के अन्य लगभग दो दर्जन मदों पर 29 दिसंबर को दोपहर के आसपास चर्चा की जाएगी।

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