CDS General Anil Chauhan: चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को भारत के पिछले सभी सैन्य अभियानों से अलग बताते हुए कहा कि यह अब भी जारी है और इसकी प्रकृति पूरी तरह नई है। उन्होंने कहा कि पहली बार भारतीय सेना की थल, जल और वायु तीनों डोमेन ने एक साथ इस मल्टी-डोमेन ऑपरेशन को अंजाम दिया। यह युद्ध काफी हद तक नॉन-कॉन्टैक्ट वॉरफेयर पर आधारित था, जिसमें अंतरिक्ष और साइबर जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यापक इस्तेमाल किया गया।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान
'ऑपरेशन सिंदूर' को पूरी तरह अलग है
जनरल चौहान ने बताया कि भले ही यह अभियान केवल 88 घंटे तक चला हो, लेकिन इसके लिए तीनों सेनाओं के साथ-साथ सरकार के विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच बेहद हाई लेवल का तालमेल जरूरी था। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन की सफलता का पैमाना भी पहले से अलग था। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 300 से 400 किलोमीटर दूर से किसी लक्ष्य पर बेहद सटीक हमला करना भारत के सैन्य इतिहास और भौगोलिक परिदृश्य में अभूतपूर्व रहा है। इसी वजह से 'ऑपरेशन सिंदूर' को पूरी तरह अलग और आधुनिक सैन्य अभियान माना जा रहा है।
अपने रिटायरमेंट के बाद के प्लान पर कहा ये
वहीं चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने अपने रिटायरमेंट के बाद की योजनाओं को लेकर कहा कि उन्होंने अपने लंबे सैन्य करियर में सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र से जुड़ा व्यापक अनुभव हासिल किया है। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े तीन सालों में CDS के रूप में काम करते हुए उन्हें नेतृत्व और रणनीतिक जिम्मेदारियों का बिल्कुल नया अनुभव मिला, जो पारंपरिक सैन्य प्रमुखों की भूमिका से काफी अलग रहा। उन्होंने आगे कहा कि CDS की जिम्मेदारियां तीनों सेनाओं के प्रमुखों से कहीं अधिक व्यापक होती हैं और इस दौरान उन्होंने सिस्टम को बेहतर तरीके से संगठित करने और उससे अधिक लाभ लेने की दिशा में कई नई बातें सीखी हैं। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में वह अपने अनुभव का इस्तेमाल वरिष्ठ पदों पर आने वाले नए अधिकारियों को मार्गदर्शन देने और उन्हें तैयार करने में करना चाहते हैं।
कब हुआ था 'ऑपरेशन सिंदूर'?
बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा 6-7 मई 2025 की रात को पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (POK) में चलाया गया एक बड़ा और सटीक सैन्य हवाई अभियान था। यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए उस बर्बर आतंकवादी हमले का करारा जवाब थी, जिसमें 26 लोग मारे गए थे और कई सुहागिन महिलाओं की मांग का सिंदूर उजड़ गया था। उन्हीं को न्याय दिलाने के लिए इस मिशन को 'ऑपरेशन सिंदूर' नाम दिया गया था।
आतंकवादियों के ठिकानों पर हमला
भारतीय सेना ने अंतर्राष्ट्रीय सीमा पार किए बिना, स्वदेशी हाई-टेक प्रणालियों और मिसाइलों का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान के पंजाब प्रांत (जैसे बहावलपुर) और POK में छिपे आतंकवादियों के 9 लॉन्चपैड और ठिकानों को सिर्फ 25 मिनट में पूरी तरह से नष्ट कर दिया। इस ऑपरेशन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत संदेश दिया कि भारत अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए पाकिस्तान की मुख्य भूमि में गहराई तक जाकर सटीक प्रहार कर सकता है।
