Asaduddin Owaisi : ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि 'हिजाब पहनने वाली महिला एक दिन भारत का प्रधानमंत्री बने, क्या यह सपना देखना अपराध है? क्या हम सपना नहीं देख सकते, क्या हमें अपना सपना पूरा करने का हक नहीं है? क्या भारत का संविधान हमें इस तरह का सपना देखने से मना करता है? यदि किसी को इससे परेशानी है तो वह पाकिस्तान की भाषा बोल रहा है।'
AIMIM के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी।
इस तरह की बातों की जरूरत नहीं-मसूद
AIMIM नेता के इस बयान पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि 'इस तरह की बातों की कोई जरूरत नहीं है। देश में और भी बहुत सारे बुनियादी सवाल हैं। इस बारे में बात करने से अच्छा है कि इन मुद्दों के बारे में बात की जाए।'
'पाकिस्तान के मुकाबले भारत का संविधान बेहतर'
बीते दिनों ओवैसी ने कहा भविष्य में भारत में हिजाब पहनने वाली महिला देश की प्रधानमंत्री बनेगी। उनके इस बयान पर सियासी हंगामा खड़ा हो गया। सोलापुर में एक सभा को संबोधित करते कहा कि पाकिस्तान के मुकाबले भारत का संविधान बेहतर है। यहां किसी को भी प्रधानमंत्री बनने का मौका मिल सकता है। इसी के चलते भविष्य में हिजाब पहनने वाली महिला देश का नेतृत्व करेगी।
नितेश राणे ने कहा-ओवैसी का बयान अस्वीकार्य
ओवैसी के इस बयान पर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने पलटवार करते हुए कहा कि 'भारत एक हिंदू बहुल देश है और यहां इस तरह के बयान स्वीकार्य नहीं हैं। राणे ने यह भी कहा कि जो लोग इस तरह की सोच रखते हैं, उन्हें अन्य इस्लामिक देशों में जाना चाहिए। इस पूरे विवाद पर एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने कहा कि देश संविधान से चलता है, न कि किसी एक व्यक्ति या विचारधारा से। ओवैसी के इस बयान पर दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने भी निशाना साधा। मिश्रा ने कहा कि पहले मुस्लिम महिलाओं को पढ़ने के लिए घर से बाहर स्कूल भेजना होगा।
