कनाडा ने पहली बार माना- एयर इंडिया फ्लाइट में खालिस्तानियों ने लगाया था बम, यह कबूलनामा भारत के लिए क्यों अहम?

Air India Flight 182 Kanishka Bombing: 41 साल में पहली बार कनाडा की खुफिया एजेंसी CSIS ने आधिकारिक तौर पर माना है कि 1985 में एयर इंडिया 'कनिष्क' विमान को उड़ाने के पीछे कनाडा के खालिस्तानी आतंकी थे।

Canada CSIS Blames Khalistanis: भारत और कनाडा के राजनयिक संबंधों के बीच चल रहे ऐतिहासिक तनाव के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण और चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। वर्ष 1985 में हुए एयर इंडिया के विमान 'सम्राट कनिष्क' (फ्लाइट 182) ब्लास्ट के चार दशक से भी अधिक समय बाद, कनाडा की मुख्य खुफिया एजेंसी 'कनाडाई सुरक्षा खुफिया सेवा' (CSIS) ने आखिरकार सच को स्वीकार कर लिया है। कनाडाई इतिहास के सबसे बड़े और जघन्य आतंकवादी हमले के लिए CSIS ने आधिकारिक तौर पर 'कनाडा स्थित खालिस्तानी आतंकवादियों' को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है।

कनाडा ने पहली बार माना- एयर इंडिया फ्लाइट में खालिस्तानियों ने लगाया था बम, यह कबूलनामा भारत के लिए क्यों अहम?

कनाडा ने पहली बार माना- एयर इंडिया फ्लाइट में खालिस्तानियों ने लगाया था बम, यह कबूलनामा भारत के लिए क्यों अहम? (AI)

CSIS ने पहली बार खुलकर लिया 'खालिस्तान' का नाम

विमान हादसे की बरसी के मौके पर जारी एक आधिकारिक सोशल मीडिया बयान में कनाडाई खुफिया एजेंसी ने बिना किसी लाग-लपेट के सीधे तौर पर अलगाववादी आंदोलन को इस कत्लेआम का सूत्रधार बताया। CSIS ने लिखा, '23 जून, 1985 को कनाडा स्थित खालिस्तानी चरमपंथियों द्वारा लगाए गए एक बम ने हवा में ही विमान को नष्ट कर दिया था, जिससे उसमें सवार सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की मौत हो गई थी, जिनमें से अधिकांश कनाडाई नागरिक थे। यह कनाडा के इतिहास का सबसे घातक आतंकवादी हमला है और हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा समुदाय के लिए एक निर्णायक क्षण है।'

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