Primary School Teachers News: कलकत्ता हाई कोर्ट की एक डिवीजन बेंच ने बुधवार को (रिटायर्ड) जस्टिस अभिजीत गांगुली के उस फैसले को खारिज कर दिया, जिसमें सरकारी और सरकारी मदद वाले प्राइमरी स्कूलों में 32,000 टीचरों की नियुक्ति रद्द कर दी गई थी। जस्टिस तपोब्रत चक्रवर्ती और जस्टिस रीतोब्रतो कुमार मित्रा की डिवीजन बेंच ने बुधवार दोपहर को यह फैसला सुनाया।
32,000 प्राइमरी स्कूल टीचरों को कलकत्ता हाई कोर्ट से बड़ी राहत (ANI)
पीठ ने कहा, 'नौ साल तक सेवा में रहने के बाद अगर उन्हें अब हटाया जाता है तो परिवारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।'अगले साल होने वाले बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले यह फैसला सत्ताधारी तृणमूल के लिए अच्छी खबर होगी। सरकार कई भ्रष्टाचार घोटालों से प्रभावित रही है, खासकर शिक्षा क्षेत्र में।
क्यों रद्द हुआ अपॉइंटमेंट?
2023 में जस्टिस गांगुली ने रिक्रूटमेंट प्रोसेस में हेरफेर के लिए 32,000 प्राइमरी टीचरों की अपॉइंटमेंट कैंसिल कर दी थी। 2014 में हुए टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट के बाद, कुल 42,500 प्राइमरी टीचरों की अपॉइंटमेंट हुई थी। उनमें से 32,000 की अपॉइंटमेंट हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने कैंसिल कर दी थी। अपने ऑर्डर में जस्टिस गांगुली (रिटायर, अब भाजपा में शामिल) ने राज्य सरकार से नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने और इसे तीन महीने के अंदर पूरा करने को कहा था।
जस्टिस सुब्रत तालुकदार और जस्टिस सुप्रतिम भट्टाचार्य की डिवीजन बेंच ने अपॉइंटमेंट रद्द करने के सिंगल बेंच के ऑर्डर पर अंतरिम रोक लगा दी और राज्य को नए पैनल की भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के लिए छह महीने का समय दिया।
राज्य ने डिवीजन बेंच के ऑर्डर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुप्रीम कोर्ट ने 32,000 पदों पर अपॉइंटमेंट पर रोक बरकरार रखी थी और मामले को आखिरी सुनवाई के लिए हाई कोर्ट वापस भेज दिया था।
