पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवार हसीरानी रथ के चुनावी हलफनामे में उम्र और 10वीं पास करने के वर्ष को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए गए सवाल पर कलकत्ता हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पश्चिम बंगाल कांग्रेस की ओर से दाखिल याचिका को खारिज कर दिया। जस्टिस कृष्ण राव ने मंगलवार को मामले की सुनवाई करते हुए कांग्रेस की याचिका खारिज कर दी। कोर्ट की ओर से विस्तृत आदेश बाद में हाई कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड किए जाने की संभावना है।
BJP की हसीरानी रथ के हलफनामे पर कांग्रेस की आपत्ति कलकत्ता HC से खारिज। ANI
कांग्रेस ने हलफनामे में उम्र को लेकर क्या सवाल उठाया?
पश्चिम बंगाल कांग्रेस ने बीजेपी की नंदीग्राम उपचुनाव उम्मीदवार हसीरानी रथ के चुनावी हलफनामे में कथित विसंगति का मुद्दा उठाया था। कांग्रेस का दावा था कि हलफनामे में रथ की उम्र 60 वर्ष से अधिक बताई गई है, जबकि उन्होंने 10वीं कक्षा पास करने का वर्ष 1965 दर्ज किया है। कांग्रेस ने इसी आधार पर सवाल उठाया था कि हलफनामे में दर्ज दोनों जानकारियों के बीच उम्र को लेकर विसंगति दिखाई देती है। पार्टी ने निर्वाचन आयोग से उम्मीदवार की ओर से जमा कराए गए दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की थी।
चुनाव आयोग ने कांग्रेस की याचिका पर क्या कहा?
मामले की सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने कांग्रेस की याचिका का विरोध किया। आयोग की ओर से कहा गया कि पश्चिम बंगाल कांग्रेस के पास उम्मीदवार की उम्मीदवारी की जांच को लेकर शिकायत करने का लॉकस स्टैंडी नहीं है। आयोग के वकील जिष्णु चौधरी ने दलील दी कि नंदीग्राम उपचुनाव के लिए नामांकन पत्रों की स्क्रूटिनी 17 सितंबर को हो चुकी थी। ऐसे में इस स्तर पर आपत्ति नहीं उठाई जा सकती। आयोग की ओर से यह भी तर्क दिया गया कि हलफनामे में कथित तौर पर गलत जानकारी दर्ज होना अपने आप में उम्मीदवार का नामांकन रद्द करने का आधार नहीं है।
'उम्र की कोई अधिकतम सीमा नहीं'
चुनाव आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता डी.एस. नायडू ने भी कोर्ट में कहा कि उम्र से जुड़ा मुद्दा ऐसा मटीरियल डिफेक्ट नहीं है, जिसके आधार पर हसीरानी रथ की उम्मीदवारी रद्द की जा सके। उन्होंने यह भी दलील दी कि चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार की उम्र की कोई अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं है। वहीं, पश्चिम बंगाल कांग्रेस की ओर से अधिवक्ता रितुज घोषाल ने तर्क दिया कि निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है कि उम्मीदवार की ओर से जमा किए गए दस्तावेजों की जांच करे। कांग्रेस की ओर से कोर्ट से इन दस्तावेजों की जांच कराने का निर्देश देने की मांग की गई थी।
6 अक्टूबर को होना है नंदीग्राम उपचुनाव
नंदीग्राम विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है। इससे पहले उम्मीदवार के चुनावी हलफनामे को लेकर कांग्रेस की ओर से हाई कोर्ट का रुख किया गया था। अब अदालत ने इस याचिका को खारिज कर दिया है। इस फैसले के साथ फिलहाल बीजेपी उम्मीदवार हसीरानी रथ की उम्मीदवारी को चुनौती देने वाली कांग्रेस की यह याचिका समाप्त हो गई है। मामले में विस्तृत न्यायिक आदेश जारी होने के बाद कोर्ट की ओर से दी गई वजहों की तस्वीर और स्पष्ट होगी।
