CAA: दिल्ली के पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थी बोले- सपना हुआ सच, बंगाल के मतुआ समुदाय ने कहा- दूसरा स्वतंत्रता दिवस

  • Edited by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Mar 12, 2024, 10:10 AM IST

सीएए दिसंबर 2019 में पारित हुआ था और बाद में इसे राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल गई थी, लेकिन इसके खिलाफ देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए थे।

CAA Implemented: नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) के लागू होने से कई तबकों में खुशी की लहर दौड़ गई है। दिल्ली में रह रहे पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थियों में ना सिर्फ नई उम्मीद जगी है बल्कि उन्होंने राहत की भी सांस ली है। उन्होंने कहा कि वे बहुत खुश हैं कि उन्हें आखिरकार भारतीय नागरिक कहा जाएगा। लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र ने 31 दिसंबर, 2014 से पहले भारत आए पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के गैर-मुस्लिम प्रवासियों को नागरिकता देने के लिए सीएए-2019 को लागू करने का ऐलान कर दिया है।

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देश में लागू हुआ सीएए कानून

500 लोगों को अब नागरिकता मिलेगी

दिल्ली में पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थी परिवारों के मुखिया माने जाने वाले धर्मवीर सोलंकी ने बताया कि समुदाय के लगभग 500 लोगों को अब नागरिकता मिलेगी। सोलंकी ने कहा, मैं और मेरा परिवार एक दशक से अधिक समय से इसका इंतजार कर रहे हैं। हम बेहद खुश हैं कि आखिरकार हमें भारतीय नागरिक कहा जाएगा। मुझे खुशी है कि मैंने 2013 में अपने वतन लौटने का फैसला किया। सोलंकी ने कहा, ऐसा लगता है जैसे हमारे कंधों से बहुत बड़ा बोझ उतर गया है। इस अधिनियम के लागू होने से यहां रहने वाले लगभग 500 पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थी परिवारों को नागरिकता मिल जाएगी।

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